Sasaram News: रोहतास जिले में नव संचालित राजकीय डिग्री महाविद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था के साथ-साथ आधारभूत सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा. छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण, अनुशासन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उक्त बातें रोहतास के जिलाधिकारी (DM) दीपक कुमार मिश्रा ने गुरुवार को डायट फजलगंज (सासाराम) में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान कहीं.
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जिले के सभी पांचों राजकीय डिग्री महाविद्यालयों के प्राचार्यों से वर्ग संचालन (क्लासेस), शिक्षकों व कर्मचारियों की उपलब्धता तथा कॉलेज भवनों में मूलभूत सुविधाओं की वर्तमान स्थिति का बारीकी से जायजा लिया.
नियमित क्लास और आधारभूत ढांचे को दुरुस्त करने का निर्देश
समीक्षा करते हुए डीएम ने कहा कि नव संचालित महाविद्यालयों में नियमित पठन-पाठन पर विशेष ध्यान देने की सख्त जरूरत है. छात्रों की पढ़ाई में कोई बाधा न आए, इसके लिए उपलब्ध संसाधनों का बेहतर से बेहतर इस्तेमाल किया जाना चाहिए.
बैठक में प्राचार्यों द्वारा आधारभूत सुविधाओं, भवन निर्माण व मरम्मत से जुड़ी समस्याओं से अवगत कराए जाने पर डीएम ने मौके पर मौजूद LAEO रोहतास के कार्यपालक अभियंता को त्वरित कार्रवाई कर समस्याओं के स्थाई समाधान का निर्देश दिया. उन्होंने स्पष्ट किया कि महाविद्यालयों को बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
डीएलएड प्रशिक्षुओं का किया मार्गदर्शन
समीक्षा बैठक के उपरांत जिलाधिकारी ने डायट फजलगंज में आयोजित कार्यक्रम का दीप प्रज्वलित कर विधिवत उद्घाटन किया. इसके पश्चात उन्होंने डीएलएड (D.El.Ed.) प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए पूरी लगन और समर्पण के साथ प्रशिक्षण पूरा करने के लिए प्रेरित किया.
उन्होंने कहा कि आज का बेहतर प्रशिक्षण ही भविष्य में स्कूली बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का आधार बनेगा. डीएम ने डायट की प्राचार्या को प्रशिक्षण कार्यक्रम को त्रुटिरहित व सुचारू रूप से संचालित करने का निर्देश दिया.
बैठक में प्रमुख रूप से रहे उपस्थित
इस अवसर पर जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) मदन राय, प्रभारी जिला पर्यटन पदाधिकारी विनय प्रताप, डायट प्राचार्या डॉ. सरिता शर्मा, राजकीय डिग्री कॉलेज शिवसागर के प्राचार्य प्रो. डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय, राजकीय डिग्री कॉलेज सूर्यपुरा के प्राचार्य प्रो. डॉ. अलाउद्दीन अजीजी व बर्सर डॉ. रनजीत कुमार पांडेय, तथा राजकीय डिग्री कॉलेज रोहतास के डॉ. दिग्विजय सिंह समेत कई शिक्षाविद व अधिकारी उपस्थित रहे.
