रोहतास: KCC लोन में लापरवाही बैंक अधिकारियों पर भारी, उपभोक्ता आयोग ने 30 हजार रुपये क्षतिपूर्ति का दिया आदेश

रोहतास जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऋण के मामले में बैंक अधिकारियों को 30 हजार रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है. बैंक की लापरवाही के कारण किसान को लंबे समय तक परेशान रहना पड़ा था.

Rohtas News : रोहतास जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) ऋण से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कॉरपोरेशन बैंक (वर्तमान यूनियन बैंक) के तत्कालीन शाखा प्रबंधक कृष्णा कुमार एवं जोनल महाप्रबंधक को किसान को 30 हजार रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है. आयोग ने निर्देश दिया है कि 60 दिनों के भीतर राशि का भुगतान किया जाए, अन्यथा वास्तविक भुगतान तक 9 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज भी देना होगा.

ऋण आवेदन के बावजूद नहीं मिली स्वीकृति

करगहर थाना क्षेत्र के सोनी गांव निवासी किसान शिवशंकर तिवारी ने खेती के लिए केसीसी ऋण हेतु कचहरी स्थित कॉरपोरेशन बैंक शाखा (वर्तमान यूनियन बैंक) में आवेदन किया था. बैंक के निर्देश पर उन्होंने सभी आवश्यक दस्तावेज जमा किए और विभिन्न मदों में 7,560 रुपये भी जमा किए. इसके बावजूद उनका ऋण स्वीकृत नहीं किया गया.

40 हजार रुपये मांगने का लगाया आरोप

परिवादी किसान का आरोप था कि तत्कालीन शाखा प्रबंधक ने ऋण स्वीकृत करने के बदले 40 हजार रुपये की अतिरिक्त राशि की मांग की थी. रकम देने से इनकार करने पर करीब दो वर्षों तक उनका आवेदन लंबित रखा गया, जिससे उन्हें आर्थिक, मानसिक और शारीरिक परेशानी झेलनी पड़ी.

छह साल बाद मिला न्याय

किसान ने वर्ष 2019 में जिला उपभोक्ता आयोग में वाद दायर किया था. मामले की सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आयोग ने बैंक अधिकारियों की सेवा में कमी मानते हुए किसान के पक्ष में फैसला सुनाया. आयोग ने मानसिक, आर्थिक क्षति और वाद व्यय के मद में 30 हजार रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश जारी किया.


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Author: Prabhat khabar news desk

Published by: Vivek Singh

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