Tilouthu PHC Civil Surgeon Inspection : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तिलौथू में रविवार को सिविल सर्जन डॉ. मणिराज रंजन के औचक निरीक्षण के दौरान एक गंभीर मरीज की समय रहते उपचार से हालत में सुधार होने का मामला सामने आया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में भर्ती अचेत अवस्था की एक महिला का इलाज पीएचसी में ही कराने का निर्देश दिया, जिसके बाद करीब 20 मिनट में महिला को होश आ गया.
Rohtas News : रेफर की तैयारी के बीच सिविल सर्जन ने संभाली कमान
जानकारी के अनुसार, किसी कार्यक्रम में जाते समय सिविल सर्जन तिलौथू पीएचसी पहुंचे. इसी दौरान उन्होंने देखा कि सूपासराय गांव निवासी रामचंद्र राम की 60 वर्षीय पत्नी रश्मि देवी अचेत अवस्था में भर्ती थीं. ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए सदर अस्पताल रेफर करने की तैयारी कर रहे थे.
बीपी गिरने पर तुरंत शुरू कराया इलाज
सिविल सर्जन ने मरीज का रक्तचाप जांचने के बाद पाया कि बीपी काफी नीचे था. उन्होंने तत्काल रेफर करने की प्रक्रिया रोककर अस्पताल में ही आवश्यक स्लाइन, इंजेक्शन और अन्य उपचार शुरू कराया. उनके निर्देशन में इलाज शुरू होने के लगभग 20 मिनट बाद महिला को होश आ गया और उन्होंने परिजनों से बातचीत भी की.
'समय पर इलाज मिला, इसलिए स्थिति संभल गई'
सिविल सर्जन डॉ. मणिराज रंजन ने कहा कि यदि मरीज को उसी हालत में रेफर किया जाता, तो रास्ते में उसकी स्थिति और गंभीर हो सकती थी. उन्होंने चिकित्सकों को सलाह दी कि हर गंभीर मरीज को तुरंत रेफर करने के बजाय उपलब्ध संसाधनों के अनुसार प्राथमिक उपचार देकर स्थिति स्थिर करने का प्रयास करें.
परिजनों ने जताया आभार, निजी क्लीनिकों पर कार्रवाई के संकेत
महिला के परिजन एवं जदयू के पूर्व प्रखंड अध्यक्ष अरुण राम ने कहा कि सिविल सर्जन के समय पर पहुंचने से महिला की जान बच सकी. स्थानीय लोगों ने भी उनके हस्तक्षेप की सराहना की. निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन ने तिलौथू क्षेत्र में संचालित अवैध निजी क्लीनिकों पर जल्द सख्त कार्रवाई करने की बात कही. उन्होंने बताया कि इसके लिए टीम गठित की जा रही है.
