Sasaram News : एनडीए के कार्यकर्ताओं में दिखा आक्रोश, पांच घंटे चक्का जाम

सुबह सात बजे ही एनडीए के नेता कार्यकर्ताओं के साथ पोस्ट ऑफिस चौराहे पर पहुंचकर उसे बंद कर दिया. इसके बाद जमकर महागठबंधन के खिलाफ नारेबाजी की.

सासाराम नगर. हटिए जाने दीजिए. बच्चे को स्कूल छोड़ना है. आपको पता नहीं है कि आज बंद है. दोपहर एक बजे के बाद हमलोग यहां से हटेंगे. कोई दूसरे रास्ते से चले जाइए. आपलोग को कुछ काम नहीं केवल लोगों को परेशान करने के लिए बंद कर दिया गया है. हमलोग अपना काम ही कर रहे हैं. आज बंद है, तो बंद रहेगा. हल्की नोक झोंक के साथ गुरुवार को एनडीए का बिहार बंद सफल रहा. सुबह सात बजे ही एनडीए के नेता कार्यकर्ताओं के साथ पोस्ट ऑफिस चौराहे पर पहुंचकर उसे बंद कर दिया. इसके बाद जमकर महागठबंधन के खिलाफ नारेबाजी की. इस दौरान भाजपा के नेता डॉ सचिन कुमार ने कहा कि महागठबंधन के मंच से प्रधानमंत्री की मां को गाली देना यह उनकी मानसिकता को दर्शाता है. साथ ही माफी न मांगकर केवल बयानबाजी कर रहे हैं, जो खुद को सही साबित करने में लगे हैं. ऐसे नेताओं के अगर बिहार की बागडोर संभालेंगे, तो एकबार फिर बिहार में जंगलराज स्थापित हो जायेगा. इसलिए जनता को सचेत रहना होगा. बंद का असर शहर के कारोबार पर भी पड़ा. गांवों से शहर में कारोबार के लिए आनेवाले व्यापारी बंद की वजह से नहीं पहुंचे. साथ ही शहर में स्कूल जरूर खुले रहे. लेकिन, कई स्कूलों में संख्या से बहुत कम बच्चे पहुंचे. कुछ अभिभावक शहर की गलियों का रास्ता पकड़कर जैसे-तैसे स्कूल तक पहुंचे, तो कुछ पोस्ट ऑफिस चौराहे पर आकर एनडीए नेताओं से आग्रह कर रहे थे. हालांकि, उनकी सुनवाई नहीं हुई और उन्हें बैरंग वापस लौटना पड़ा. बंद में मुख्य रूप से भाजपा जिलाध्यक्ष संतोष पटेल, जदयू जिलाध्यक्ष अजय कुमार, पूर्व विधायक जवाहर प्रसाद, ललन पासवान, गुप्तेश्वर गुप्ता, प्रदेश कार्यकर्ता सुधीर सिंह, रविंद्र कुशवाहा, सरदार पप्पू सिंह, जिला महामंत्री विवेक सिंह, विशाल आनंद, प्यारेलाल ओझा, उपाध्यक्ष सत्येंद्र सिंह, प्रिंस राज, संतोष कुमार, रोहित कुमार, महिला मोर्चा की अध्यक्ष पूनम सिंह, शीला सिंह, सरिता सिंह, अनीता रजक, प्रिया कुमारी, भगवानो देवी, सतनारायण पासवान, सुरेंद्र पांडे, संदीप सोनी, अभिषेक तिवारी, सनी कुमार, जिला विधि प्रकोष्ठ के जिला संयोजक कमलेश कुमार सिन्हा सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे. जिला मीडिया प्रभारी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि एनडीए के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने इस बंद को सफल बनाने में अहम योगदान दिया. इक्के-दुक्के दिखे हम व लोजपा के झंडे- पोस्ट ऑफिस चौराहे के पास चाय की दुकान पर बैठे कुछ लोग यह भी चर्चा करने में लगे थे कि भाजपा इस बंद के बहाने अपने सहयोगियों को परखने की तैयारी में भी थी. एनडीए के इस बंद में गठबंधन के सहयोगी पार्टियों ने कुछ खास जोर नहीं लगाया. भाजपा और जदयू को छोड़कर अन्य घटक दल लोजपा आर और हम के कार्यकर्ता बहुत ही कम संख्या में इस बंद में शामिल होकर अपनी एकजुटता दिखाये, जिसका असर आगामी विधानसभा चुनाव में दिख सकता है.

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