चेनारी बाजार में भीषण जाम से एंबुलेंस फंसी, मरीज की जान पर बना संकट
SASARAM NEWS.प्रखंड क्षेत्र स्थित नगर पंचायत चेनारी में संत सिंह चौक के पास शनिवार दोपहर करीब 1 बजे चेनारी–कुदरा स्टेट हाइवे पर भीषण जाम लग गया. इस जाम में एक मरीज को ले जा रही एंबुलेंस करीब आधे घंटे तक फंसी रही, जिससे मरीज की जान पर खतरा उत्पन्न हो गया.
अतिक्रमण और अव्यवस्थित पार्किंग से रोजाना लग रहा जाम, प्रशासन पर उठे सवाल
कुदरा स्टेट हाइवे पर आधे घंटे तक रुकी रही एंबुलेंस, स्थानीय लोगों ने निकाला बाहर
फोटो-12-जाम में फंसी एंबुलेंस.
प्रतिनिधि, चेनारी प्रखंड क्षेत्र स्थित नगर पंचायत चेनारी में संत सिंह चौक के पास शनिवार दोपहर करीब 1 बजे चेनारी–कुदरा स्टेट हाइवे पर भीषण जाम लग गया. इस जाम में एक मरीज को ले जा रही एंबुलेंस करीब आधे घंटे तक फंसी रही, जिससे मरीज की जान पर खतरा उत्पन्न हो गया. एंबुलेंस का सायरन लगातार बजता रहा, लेकिन वाहनों की लंबी कतार के कारण उसे रास्ता नहीं मिल सका. पुलिस और नगर प्रशासन की उदासीनता के कारण संत सिंह चौक से लेकर कर्पूरी चौक और पेवंदी गांव मोड़ तक प्रतिदिन जाम की स्थिति बनी रहती है.एंबुलेंस फंसे होने के बाद स्थानीय युवाओं और दुकानदारों ने पहल करते हुए मोर्चा संभाला और कड़ी मशक्कत के बाद वाहनों को हटवाकर एंबुलेंस को जाम से बाहर निकाला.
यदि समय रहते लोग सक्रिय नहीं होते तो मरीज के साथ अनहोनी हो सकती थी
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि समय रहते लोग सक्रिय नहीं होते तो मरीज के साथ कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी.स्थानीय लोगों के अनुसार चेनारी बाजार में जाम की समस्या अब गंभीर रूप ले चुकी है और यह लगभग पूरे दिन बनी रहती है. पुलिस द्वारा प्रयास किये जाने के बावजूद सड़क पर अतिक्रमण और अव्यवस्थित पार्किंग के कारण स्थिति में सुधार नहीं हो पा रहा है.स्थानीय निवासियों और बुद्धिजीवियों में प्रशासन की निष्क्रियता को लेकर आक्रोश है. उनका कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद स्थायी समाधान नहीं निकाला जा रहा है.
सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण जाम का प्रमुख कारण
सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण जाम का प्रमुख कारण बना हुआ है, जिसे हटाने के बाद भी दोबारा कब्जा कर लिया जाता है.स्थानीय निवासी ब्रह्मदत्त कुमार, धर्मेंद्र कुमार गुप्ता, दुर्गा साह और नागेंद्र सिंह ने कहा कि चेनारी बाजार अब जाम का पर्याय बन चुका है. उन्होंने मांग की कि जब तक अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई और ठोस योजना लागू नहीं होती, तब तक मरीजों और आम लोगों को ऐसी परेशानियों का सामना करना पड़ता रहेगा.