Commandant Instructor Recruitment Examination : रोहतास जिले में बुधवार को बिहार गृह रक्षा वाहिनी सेवा संवर्ग के तहत अधिनायक अनुदेशक पद पर भर्ती के लिए लिखित प्रतियोगिता परीक्षा शांतिपूर्ण और कदाचार मुक्त माहौल में शुरू हो गई. जिला मुख्यालय सासाराम के कुल 16 परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा आयोजित की गई, जहां सुबह से ही अभ्यर्थियों की भारी भीड़ देखने को मिली. प्रशासन की सख्ती और पुख्ता व्यवस्था के बीच परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष ढंग से संचालित होती नजर आई.
जिला पदाधिकारी दीपक कुमार मिश्र और पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार के नेतृत्व में पूरे परीक्षा आयोजन की मॉनिटरिंग की गई. दोनों अधिकारियों ने खुद व्यवस्था पर नजर बनाए रखी और यह सुनिश्चित किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो. परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में रहा.
कड़ी सुरक्षा और सख्त नियमों के बीच परीक्षा
परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे. हर केंद्र पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी, वहीं मजिस्ट्रेट भी निगरानी के लिए मौजूद रहे. परीक्षा शुरू होने से पहले ही केंद्रों के बाहर लंबी कतारें लग गई थीं. अभ्यर्थियों के लिए रिपोर्टिंग का समय सुबह 09:30 बजे तय किया गया था.
प्रशासन की ओर से साफ निर्देश दिया गया था कि निर्धारित समय से 30 मिनट पहले तक ही परीक्षार्थियों को परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया जाएगा. इसके बाद किसी भी स्थिति में लेट आने वालों को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई. इस नियम का सख्ती से पालन कराया गया, जिससे कई अभ्यर्थियों को समय का विशेष ध्यान रखना पड़ा.
प्रतिबंधित वस्तुओं पर पूरी तरह रोक
परीक्षा को निष्पक्ष बनाए रखने के लिए प्रशासन ने कई सख्त कदम उठाए. अभ्यर्थियों को किसी भी प्रकार की लिखित सामग्री, प्रवेश पत्र पर अतिरिक्त नोट्स, सादा कागज या अन्य कोई सहायक सामग्री ले जाने की अनुमति नहीं थी. इसके अलावा पेन, क्लिप बोर्ड, स्लाइड रूल और कैलकुलेटर जैसे उपकरण भी प्रतिबंधित रहे.
इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स पर भी पूरी तरह रोक लगाई गई थी. मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, डिजिटल डायरी या किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लेकर आने वालों को केंद्र के अंदर प्रवेश नहीं दिया गया. साथ ही मार्कर, व्हाइट फ्लूइड, ब्लेड और इरेज़र जैसी चीजें भी पूरी तरह बैन रहीं.
अभ्यर्थियों की भारी भीड़, लेकिन व्यवस्था रही नियंत्रित
परीक्षा केंद्रों के बाहर सुबह से ही अभ्यर्थियों की भीड़ जुटने लगी थी. दूर-दराज के इलाकों से आए उम्मीदवार समय से पहले ही केंद्रों पर पहुंच गए थे. हालांकि भीड़ के बावजूद प्रशासन ने व्यवस्था को पूरी तरह नियंत्रित रखा और किसी तरह की अफरा-तफरी नहीं होने दी.
केंद्रों के बाहर अभिभावकों की भी उपस्थिति रही, जो अपने बच्चों के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद में वहां इंतजार करते नजर आए. पूरे माहौल में गंभीरता और अनुशासन साफ दिख रहा था.
