ईरान-अमेरिका युद्ध से पहले 1.53 लाख उपभोक्ता प्रतिमाह नहीं उठाते थे सिलिंडर, अफवाह के बाद पहुंचे गोदाम पर जिले में गैस की डिलिवरी सुचारू करने के लिए 30,000 घरेलू गैस सिलिंडरों की जरूरत, उपलब्ध हैं 9235 फोटो- 26- संवाददाताओं को जानकारी देते जिला आपूर्ति पदाधिकारी व आइओसीएल के अधिकारी. ए-ट्रक से सिलिंडर उतराकर होम डिलिवरी के लिए ठेले पर रखता वेंडर. प्रतिनिधि, सासाराम नगर ईरान-अमेरिका युद्ध का असर सीधे हमारे रसोई पर पड़ रहा है. यह आपदा केवल युद्ध की वजह से नहीं आया है. इसमें आमलोगों का भी बड़ा सहयोग है. जिले में घरेलू गैस की जो कमी दिख रही है, उसकी बड़ी वजह अफवाह भी है. इससे करीब 25 प्रतिशत घरेलू गैस उपभोक्ता सक्रिय हो गये हैं. ये वह उपभोक्ता हैं, जो प्रत्येक माह गैस सिलिंडर का उठाव नहीं करते थे. लेकिन, युद्ध की स्थिति बनते देख यह भी सिलिंडर के लिए गैस एजेंसियों के गोदाम पर कतार में खड़े हो गये हैं. ऐसे में गैस वितरण का पूरा सिस्टम गड़बड़ा गया. जिले में घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं की संख्या 612415 है. इनमें करीब 153104 उपभोक्ता ऐसे हैं, जो पिछले कई महीने से सिलिंडर का उठाव नहीं कर रहे थे. इस वजह से गैस एजेंसियां अपने गोदामों में कम सिलिंडर मंगा रही थी. लेकिन, अफवाह के बाद अचानक डिमांड बढ़ गया, जिससे पूरा सप्लाई चैन चरमरा गया और बैकलॉग बढ़ते जा रहा है. सप्लाइ व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए जिले में 30000 घरेलू गैस सिलिंडरों की जरूरत है. लेकिन, जिले के 46 गैस वितरकों के पास कुल 9235 सिलिंडर उपलब्ध हैं. ऐसे में बैकलॉग दिन पर दिन बढ़ते जा रहा है और लोगों के घरों तक गैस पहुंचने में समय लग सकता है. हालांकि जिला प्रशासन रसोई गैस के लिए गोदामों से भीड़ समाप्त करने के लिए होम डिलिवरी शुरू कराने का दावा कर रहा है. सिलिंडर गोदाम से देने के लिए एजेंसियों को मना किया गया है. अगर कोई भी ऐसा करता है, तो फिर कार्रवाई की जायेगी. गुरुवार को डीआरडीए सभागार में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने शशि शंकर ने कहा कि अनुमंडल स्तर पर धावा दल का गठन किया गया है, जो नियमित रूप से एजेंसियों का निरीक्षण कर रहे हैं और गलत पाये जाने पर कार्रवाई की जा रही है. जिला नियंत्रण कक्ष में अबतक कुल 75 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनका निराकरण कर दिया गया है. वहीं, आइओसीएल के अवध बिहारी शरण ने बताया कि जिले में घरेलू गैस की उपलब्धता 9235 हैं. आरा बॉटलिंग प्लांट से लगातार जिले में सिलिंडर भेजे जा रहे हैं.
आपदा में बढ़े 1.53 लाख उपभोक्ता, तो चरमरा गयी रसोई गैस की व्यवस्था
जिले में गैस की डिलिवरी सुचारू करने के लिए 30,000 घरेलू गैस सिलिंडरों की जरूरत, उपलब्ध हैं 9235
