Saran News: केरल के वायनाड में पिछले सात जुलाई को आई भीषण प्राकृतिक आपदा भूस्खलन के दौरान मलबे में दबकर तरैया के 30 वर्षीय युवक मो इमरान की दर्दनाक मौत हो गयी थी. केरल से पांच दिनों के लंबे इंतजार के बाद मृतक का शव शनिवार को दोपहर में उनके पैतृक गांव पहुंचा. शव पहुंचते ही घर और पूरे गांव में कोहराम मच गया. शव पहुंचने की सूचना मिलते ही मृतक के दरवाजे पर जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी.
सेना ने निकाला था शव
मो इमरान अंसारी दो माह पूर्व केरल के वायनाड में रोजी-रोजगार की तलाश में गया हुआ था. वहां वह एक सड़क निर्माण कंपनी में पोकलेन मशीन चलाने का कार्य करता था. निर्माण कार्य के दौरान भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन में 15 मजदूर मलबे में दब गये थे. सेना व स्थानीय प्रशासन की मदद से चले रेस्क्यू ऑपरेशन के 48 घंटे बाद 9 जुलाई को मो इमरान के शव को मलबे से बाहर निकाला गया था.
परिजनों का रोकर बुरा हाल
कंपनी व प्रशासन के द्वारा शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद मृतक के बड़े भाई इरसाद अली व अन्य परिजनों को शव सौंपा गया. कागजी प्रक्रिया पूरी कर फ्लाइट से 11 जुलाई को शव पटना भेजा गया, जहां से पैतृक आवास लाया गया. मृतक की पत्नी शबनम खातून अपने छह माह की दुधमुंही बच्ची को लेकर पांच दिनों से बदहवास पड़ी हुई है. वृद्ध माता-पिता और भाइयों का रो-रोकर बुरा हाल है.
कब्रिस्तान में अंतिम संस्कार
इस दुखद घटना के बाद भटगाई मुखिया ओम प्रकाश कुमार, पंच-सरपंच संघ के प्रदेश महासचिव सुनील तिवारी, भाजपा नेता शेखर सिंह, प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि धनवीर कुमार सिंह विक्कू, बीडीसी प्रतिनिधि म सनाउल्लाह तथा जदयू नेता सुशील सिंह समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने शोकाकुल परिजनों को सांत्वना दी. शाम को जनाजे की नमाज के बाद नम आंखों से गांव के कब्रिस्तान में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया.
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