छपरा. शनिवार को महापौर लक्ष्मी नारायण गुप्ता के नेतृत्व में निगम क्षेत्र के सभी जल निकासी वाले आउटलेट का निरीक्षण करने विभिन्न विभागों की टीम निकली. निरीक्षण के क्रम में जो बात सामने आयी उसे देखकर निगम के अधिकारी और महापौर भड़क गये. टीम के निरीक्षण में यह बात सामने आयी है कि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने वाली एजेंसी बुडको ने शॉर्टकट में काम किया है और शहर के सभी 39 नाले को सात एसटीपी की जगह मात्र एक एसटीपी करीम चक से जोड़कर एक बार फिर मानसून में छपरा शहर को डूबने के लिए तैयार कर दिया है. महापौर ने इसे भयंकर लापरवाही बताते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर तुरंत कार्रवाई करने की मांग करने की बात कही है. वही नगर निगम के अधिकारियों ने भी इस संबंध में तुरंत रिपोर्ट जारी करने की बात कही है. इधर बुडको ने भी महापौर और निगम के खिलाफ तलवार खींच लिया है और टका सा जवाब देते हुए कहा है कि बुडको का काम सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाना है ना की ड्रेनेज सिस्टम तैयार करना. निगम का जो भी नाल है वह सिल्ट से भरा है इसका सबसे बड़ा उदाहरण है खनूआ नाला. जिसकी हर साल सफाई होती है करोड़ों रुपये खर्च होते हैं और स्थिति जस की तस रहती है.
शनिवार को हुए नगर निगम क्षेत्र के 39 आउटलेट का निरीक्षण के दौरान नगर निगम के अधिकारी उपनगर आयुक्त अजीत कुमार शर्मा, बुडको के इंजीनियर नदीम जी, आइओसीएल के इंजीनियर, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग केइंजीनियर, आरसीडी के इंजीनियर , निगम के स्वच्छता पदाधिकारी वह अन्य अधिकारी शामिल थे. सभी ने शहर के एक से 45 वार्ड के आउटलेट फॉल का निरीक्षण किया.क्या करना था बुडको को
निरीक्षण टीम के अनुसार बुडको एजेंसी को उनके द्वारा बनाये गये सभी साथ इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन से शहर के नालों को जोड़ना चाहिए था. पूरब का पानी पूरब की तरफ जाता जबकि पश्चिम का पानी पश्चिम की तरफ जाता. इससे ड्रेनेज सिस्टम पर लोड नहीं पड़ता. निर्माण के दौरान बिना साफ सफाई किये पाइपलाइन बिछायी गयी हैं जिसमें पहले से ही काफी गंदगी है ऐसे में पूरा पाइपलाइन जाम हो जायेगा, इसकी सफाई कराई जानी चाहिए थी. अन्य दर्जन भर कमियां गिनाई गई.बुडकों की लापरवाही आयी है सामने
मैंने अधिकारियों की टीम के साथ निरीक्षण किया. इसमें बुडकों की लापरवाही सामने आयी है. इस लापरवाही से इस साल भी मानसून में छपरा शहर डूबेगा. नगर निगम की ओर से युद्ध स्तर पर करायी जा रही सफाई व्यवस्था का फायदा नहीं होगा. पूरे मामले को मुख्यमंत्री से अवगत कराया जायेगा. रिपोर्ट तैयार की जा रही है.लक्ष्मी नारायण गुप्ता, महापौर, छपरा नगर निगम
नगर निगम खुद अपनी व्यवस्था सुधारे
बुडकों का काम केवल सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाना है. इसे बनाकर राज्य और जिले के सभी बड़े अधिकारियों को दिखा भी दिया गया है. बहुत ही बेहतर ढंग से ट्रीटमेंट प्लांट काम कर रहा है. जल निकासी की व्यवस्था नगर निगम को करना है बुडको को नहीं करना है. बाढ़ का पानी शहर में आने का कारण खराब सॉल्यूश गेट है. बांध भी होना चाहिए. नगर निगम खुद अपनी व्यवस्था सुधारे.आनंद मोहन सिंह, सहायक अभियंता, बुडको
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