Chapra Viral Fever News : छपरा के सदर अस्पताल में पिछले एक सप्ताह के दौरान वायरल संक्रमण के मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है. अस्पताल के पहले और दूसरे शिफ्ट की ओपीडी में इलाज के लिए आने वाले मरीजों का रजिस्ट्रेशन लगभग दोगुना हो गया है. बीते दो दिनों में करीब 1000 मरीजों ने रजिस्ट्रेशन कराया, जिनमें लगभग आधे मरीज वायरल संक्रमण से पीड़ित पाए गए.
बच्चों पर सबसे ज्यादा दिख रहा असर
अस्पताल के चाइल्ड वार्ड में अचानक मरीजों की भीड़ बढ़ गई है. डॉक्टरों के अनुसार स्कूल से लौटने के बाद कई बच्चों में सर्दी, खांसी, तेज बुखार और अन्य वायरल लक्षण दिखाई दे रहे हैं. छोटे बच्चों में संक्रमण का असर अपेक्षाकृत अधिक देखा जा रहा है. ऐसे में अभिभावकों को विशेष सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
बदलता मौसम बन रहा बड़ी वजह
सदर अस्पताल के चाइल्ड वार्ड के वरीय चिकित्सक डॉ. संदीप कुमार यादव ने बताया कि लगातार बदलता मौसम बीमारी बढ़ने का प्रमुख कारण है. पिछले एक सप्ताह में तापमान में गिरावट के साथ बीच-बीच में तेज धूप भी निकल रही है. मौसम के इस उतार-चढ़ाव के कारण लोगों का शरीर जल्दी प्रभावित हो रहा है और वायरल संक्रमण फैल रहा है.
डॉक्टरों ने दी सावधानी बरतने की सलाह
चिकित्सकों ने कहा कि इस समय साफ पानी का उपयोग करना, बच्चों को भीगने से बचाना और संतुलित भोजन देना जरूरी है. साथ ही डेंगू के बढ़ते जोखिम को देखते हुए घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखने की सलाह भी दी गई है.
चेहल्लुम के दिन ओपीडी बंद, इमरजेंसी में बढ़े मरीज
मंगलवार को चेहल्लुम के अवसर पर सदर अस्पताल की ओपीडी बंद रही. इसके बावजूद इमरजेंसी विभाग में मरीजों की संख्या बढ़ी रही. पेट दर्द, तेज बुखार और वायरल संक्रमण जैसी शिकायतों के साथ कई मरीज अस्पताल पहुंचे, जिनका तत्काल उपचार किया गया.
तीन से चार दिन के बुखार से बढ़ रही कमजोरी
डॉक्टरों का कहना है कि इस समय वायरल बुखार के कारण मरीज दो से चार दिन में काफी कमजोर महसूस कर रहे हैं. कई मरीज घरेलू इलाज करते रहते हैं और अस्पताल देर से पहुंचते हैं. इससे स्थिति गंभीर हो सकती है. इसलिए दो दिन से अधिक बुखार रहने पर तुरंत जांच कराने की सलाह दी गई है.
हर बुखार डेंगू नहीं, लेकिन जांच जरूरी
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. केएम दुबे ने बताया कि हर बुखार डेंगू या टाइफाइड का संकेत नहीं होता. फिर भी यदि बुखार लगातार बना रहे तो जांच करानी चाहिए. कुछ मरीजों में डेंगू जैसे आंशिक लक्षण मिले हैं, लेकिन समय पर इलाज मिलने से उनकी स्थिति नियंत्रित रही है.
रोज 50 से ज्यादा सैंपलों की हो रही जांच
सदर अस्पताल में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और टाइफाइड की जांच लगातार की जा रही है. अस्पताल प्रशासन के अनुसार प्रतिदिन 50 से अधिक सैंपलों की जांच की जा रही है. जांच रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर उपलब्ध कराई जा रही है ताकि मरीजों का इलाज बिना देरी शुरू किया जा सके.
फिलहाल डेंगू की पुष्टि नहीं
अस्पताल प्रशासन के अनुसार अब तक जांच किए गए अधिकांश मरीजों में वायरल संक्रमण की पुष्टि हुई है. फिलहाल किसी मरीज में डेंगू की पुष्टि नहीं हुई है. हालांकि कुछ मरीजों में शुरुआती लक्षण मिले थे, जिनका उपचार किया गया. गंभीर मरीजों को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर इलाज दिया जा रहा है.
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