परसा. नगर पंचायत परसा बाजार के 22 वार्डों से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में कचरा उठाया जाता है, जिसे खुले ट्रैक्टर बॉडी में भरकर डंपिंग स्थल तक ले जाया जाता है. लेकिन यह व्यवस्था यात्रियों और स्थानीय ग्रामीणों के लिए भारी परेशानी का कारण बन रही है. खुले ट्रैक्टर में कचरा लदे होने के कारण तेज हवा के झोंकों से गंदगी उड़कर सड़क पर चल रहे लोगों के शरीर पर गिरती है, जिससे राहगिरों को परेशानी होती हैं. स्थानीय निवासी आशा देवी, मो. कलाम, अखलेश कुमार, मो. फिरोज, विवेक सिंह, टिंकू सिंह, रौशन कुमार अजय कुमार, नीतीश सिंह, संजय कुमार, सनोज साह, आदित्य कुमार, अमन कुमार, रवि कुमार, रवि किशन कुमार, सूरज कुमार आदि ने बताया कि नगर पंचायत का कचरा प्रतिदिन ट्रैक्टरों में भरकर परसा-सोनहो एसएच 73 मार्ग से होते हुए उतिमपुर चवर में डंप किया जाता है. इस दौरान खुले ट्रैक्टर बॉडी से कचरा उड़कर पीछे चल रहे राहगीरों, बाइक और साइकिल सवारों पर गिरता है. यात्रियों का कहना है कि जब वे पूजा-अर्चना, नमाज अदा करने, किसी धार्मिक स्थल पर जाने या रिश्तेदारों के घर जाते हैं, तो शरीर पर कचरा गिरने से वे अपवित्र महसूस करते है. साथ ही, कचरे से उठने वाली दुर्गंध से सफर करना मुश्किल हो जाता है. ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या नयी नहीं है. कई बार नगर पंचायत प्रशासन को इस बारे में शिकायत की गयी, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. ट्रैक्टर चालक और सफाई कर्मियों का कहना है कि कचरा ढकने की कोई व्यवस्था नहीं की गयी है, जिससे वे मजबूरी में खुले ट्रैक्टर से ही कचरा ढो रहे हैं. नगर पंचायत परसा की स्थापना हुए करीब 15 साल हो चुके हैं. लेकिन आज भी कचरा डंपिंग की उचित व्यवस्था नहीं हो सकी है. शुरुआत से ही कचरा इधर-उधर जमा कर दिया जाता है, जिससे आसपास के ग्रामीणों को लगातार परेशानी झेलनी पड़ रही है. इस संबंध में मुख्य पार्षद ऐसा खातुन ने कही कि ग्रामीणों की शिकायत पर सफाई एनजीओ संचालक से बात कर जल्द ही समाधान निकाला जाएगा. ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से लेकर कचरे को ढककर ले जाने की व्यवस्था सुनिश्चित करेगा, ताकि सफर करने वाले यात्रियों और स्थानीय निवासियों को राहत मिल सके.
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