Saran News : बोरवेल का जलस्तर गहराया, जिले के कई इलाकों में पानी की किल्लत

Saran News : जिले में लगातार बढ़ते तापमान ने आम जनजीवन को बेहाल कर दिया है. सुबह आठ बजे से ही तेज धूप निकलने लगी है, जिससे गर्मी का असर दिन भर बना रहता है.

छपरा. जिले में लगातार बढ़ते तापमान ने आम जनजीवन को बेहाल कर दिया है. सुबह आठ बजे से ही तेज धूप निकलने लगी है, जिससे गर्मी का असर दिन भर बना रहता है. तापमान के बढ़ते स्तर का सीधा असर जल स्तर पर भी पड़ रहा है, जिससे कई इलाकों में पेयजल संकट गहराने लगा है. शहर के सलेमपुर, दहियावां, तेलपा, गुदरी और भगवान बाजार जैसे इलाकों में मौजूद पुराने कुएं और तालाब अब उपेक्षा के शिकार हैं. इनकी पिछले एक दशक से सफाई और उड़ाही नहीं हुई है, जिससे इन जलस्रोतों में जल संचय नहीं हो पा रहा है. परिणामस्वरूप, शहर का जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है.

100 फुट गहरे बोरिंग से भी नहीं निकल रहा पानी

बीते कुछ वर्षों में जल संकट के समाधान के तौर पर लोग तेजी से बोरिंग करा रहे हैं, लेकिन अब 100 से 120 फुट गहराई तक भी पानी नहीं निकल पा रहा है. इससे लोग 200 से 250 फुट तक गहरे बोरिंग कराने को मजबूर हैं, जिससे आम लोगों के बजट पर भारी असर पड़ रहा है. जो लोग बोरिंग नहीं करवा सकते, वे अब भी नल जल योजना या चापाकल पर निर्भर हैं.

मेंटेनेंस के बावजूद सूख रहे चापाकल

पीएचइडी विभाग द्वारा हाल में शहरी व ग्रामीण इलाकों में खराब चापाकलों की मरम्मत की गयी थी, लेकिन जल स्तर अत्यधिक नीचे चले जाने के कारण ये चापाकल कुछ ही दिनों में फिर से सूखने लगे. पानी भरने के लिए लोगों को पहले चार-पांच बाल्टी पानी ऊपर से डालना पड़ता है, तभी चापाकल पानी देना शुरू करता है.

अप्रैल में ही होने लगी पीने के पानी की किल्लत

गर्मी की शुरुआत के साथ ही शहर के कई इलाकों में पेयजल की भारी किल्लत देखी जा रही है. लोग अब 30 से 40 रुपये प्रति जार की दर से पानी खरीदकर पीने को मजबूर हैं. अनुमान है कि हर दिन 15 से 20 लाख रुपये का पीने का पानी शहर में सप्लाइ हो रहा है. सरकारी कार्यालयों में भी यही व्यवस्था अपनायी गयी है. पेयजल संकट को देखते हुए नगर निगम ने अलर्ट मोड में काम शुरू कर दिया है. शहर के 20 प्रमुख स्थानों पर प्याऊ बनाने की योजना है, जिसमें से अब तक 12 स्थानों पर प्याऊ बनकर तैयार हो चुके हैं. जहां नल जल की सप्लाई बाधित है, वहां नल को बदलने का कार्य किया जा रहा है. जल संकट से संबंधित प्रतिदिन 20 से 25 आवेदन नगर निगम को मिल रहे हैं, जिनके निस्तारण के लिए विशेष टीम बनाई गई है। सभी सिटी मैनेजरों को अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया गया है.

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Author: ALOK KUMAR

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