Saran News : अफ्रीकी देश गिनी जाने को तैयार है मढ़ौरा में बना रेल इंजन

सारण जिले के मढ़ौरा स्थित रेल डीजल इंजन कारखाना एक बार फिर वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाने जा रहा है.

मढ़ौरा. सारण जिले के मढ़ौरा स्थित रेल डीजल इंजन कारखाना एक बार फिर वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाने जा रहा है. यहां निर्मित 4500 हॉर्सपावर क्षमता वाला आधुनिक रेल इंजन अब अफ्रीकी देश गिनी को निर्यात किया जायेगा.

इस मौके पर कारखाने में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन कर इंजन का नामकरण ‘कोमा’ किया गया. अगले महीने जून से निर्यात प्रक्रिया की शुरुआत होगी. पहले चरण में दो इंजनों की खेप अफ्रीका के गिनी गणराज्य को भेजी जायेगी. प्रत्येक इंजन की लागत लगभग 22 करोड़ रुपये है. इन इंजनों को अमेरिका की वेबटेक कॉर्पोरेशन और रियो टिंटो सिम्फर के संयुक्त प्रयास से गिनी के महत्वाकांक्षी सिमांडू परियोजना के लिए तैयार किया गया है.

इंजन का हुआ फर्स्ट लुक लॉन्च

कार्यक्रम में गिनी गणराज्य की सरकार, रियो टिंटो और चाल्को आयरन होल्डिंग्स के संयुक्त उद्यम द्वारा ट्रांसगिनी रेलवे के लिए पहले एवोल्यूशन सीरीज इएस 43 एसीआइ लोकोमोटिव का अनावरण किया गया. नीले और फिरोजी रंग में रंगा यह इंजन अपनी आकर्षक डिजाइन और दमदार लुक से सबको प्रभावित कर रहा है. रियो टिंटो के वैश्विक परियोजना प्रमुख चार्ल्स जिम्मरमैन ने इसे सिमांडू परियोजना को वैश्विक स्तर से जोड़ने की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया. वहीं, वेबटेक कॉर्पोरेशन के उपाध्यक्ष म्पिलो दिलामीनी ने इसे एक वैश्विक टीम के सहयोग से तैयार किया गया विशेष इंजन बताया, जो गिनी की अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा और वहां के खनिज निर्यात तथा बुनियादी ढांचे के विकास में अहम भूमिका निभायेगा.

विशेष है इंजन का रंग और डिज़ाइन

‘कोमा’ इंजन का नीला व फिरोजी रंग न केवल इसकी खूबसूरती को बढ़ाता है, बल्कि इसके पीछे सांस्कृतिक महत्व भी जुड़ा है. गिनी में नीले रंग को शांति, समृद्धि और स्थिरता का प्रतीक माना जाता है. यह रंग उनके राष्ट्रीय ध्वज में भी शामिल है और अफ्रीकी परंपरा में समुद्र और पृथ्वी का प्रतिनिधित्व करता है. गिनी की मांग पर इस इंजन का रंग नीला रखा गया है.

143 इंजन भेजे जायेंगे गिनी

मढ़ौरा के इस डीजल इंजन कारखाने को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उच्च गुणवत्ता के लोकोमोटिव निर्माण के लिए चुना गया है. गिनी सरकार ने अपनी सिमांडू परियोजना के लिए यहां से कुल 143 इंजनों का ऑर्डर दिया है. यह भारत से इस परियोजना के लिए पहला बड़ा विदेशी ऑर्डर है. इन इंजनों को उच्च तापमान वाली परिस्थितियों में भी प्रभावी प्रदर्शन और ईंधन दक्षता सुनिश्चित करने के लिए विकसित किया गया है.

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By Alok kumar

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