छपरा. महाकुंभ अब समाप्ति की तरफ अग्रसर हैं. इसके बाद भी संगम स्नान करने वाले लोगों की भीड़ कम कम होता हुआ नजर नहीं आ रहा है. वीकेंड के समय ट्रेनों में जमकर भीड़ देखने को मिल रहा है. इन सब के बीच प्रयागराज जाने वाली अधिकांश ट्रेन शुक्रवार को रद्द कर दी गयी थी. इसके बावजूद भी सर्कुलेटिंग एरिया समेत प्लेटफार्म पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ गयी. लगभग पंद्रह हजार की भीड़ को देखने के बाद रेल प्रशासन के द्वारा देर शाम एक रिंग रेल ट्रेन चलायी गयी. जो ट्रेन छपरा जंक्शन से होकर मशरक, थावे, सीवान, भटनी, मऊ के रास्ते झूसी तक गयी. प्रतिदिन की भांति शुक्रवार को भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी. पूछताछ काउंटर पर पहुंचने के बाद ट्रेनों के बारे में जानकारी लेकर हजारों लोग वापस लौट गये. जंक्शन पर श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए जब रेल प्रशासन को यह लगा कि नियमित ट्रेनों पर भी यह भीड़ अपना कब्जा जमा सकती है. तब जाकर उक्त ट्रेन का परिचालन कराया गया.
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
श्रद्धालुओं की भीड़ के मद्देनजर रेल प्रशासन पूरी तरह से श्रद्धालुओं की सेवा में है. जंक्शन पर सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किये गये हैं. डीसीआइ गणेश यादव, आरपीएफ सह प्रभारी समय सिंह व जीआरपी थानाध्यक्ष शाहिद अनवर अंसारी ने खुद मोर्चा संभालते हुए प्लेटफार्म संख्या छह पर आने वाली रिंग रेल ट्रेन के प्रत्येक कोच पर पुलिस जवानों के साथ यात्रियों को सकुशल यात्रा के लिए ट्रेन के कोच में बैठाने लगे. ट्रेन के कोच गेट के समीप पुलिस की प्रति नियुक्ति की गयी थी. जो श्रद्धालुओं को सीट तक बैठने में मदद कर रहे थे. पुलिस के द्वारा किये गये इस कार्य को लेकर श्रद्धालु भी सराहना करते नहीं थक रहे थे. श्रद्धालुओं का कहना था कि अगर पुलिस के द्वारा यह व्यापक इंतजाम नहीं किया जाये तो कई श्रद्धालु ट्रेन में चढ़ने और बैठने को लेकर आपस में ही विवाद कर बड़ी घटना को अंजाम दे सकते हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
