Saran News: (विकास कुमार की रिपोर्ट) लोक महाविद्यालय हाफिजपुर सारण के शिक्षक शिक्षकेत्तर कर्मचारियों द्वारा रोषपूर्ण धरना जय प्रकाश विश्वविद्यालय छपरा मुख्यालय पर दिया गया. शिक्षक व कर्मचारियों ने बताया कि विगत तीन साल से लोक महाविद्यालय हाफिजपुर के कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों का वेतन विश्वविद्यालय के अदूरदर्शी नीति और मनमानी के कारण बंद है.
वेतन देने पर लगा है रोक
लोक महाविद्यालय में लगभग तीन करोड़ रुपये आंतरिक श्रोत के और तीन करोड़ इंटर अनुदान के लोक महाविद्यालय के बैंक खाता में शोभा बढ़ा रहे हैं और कार्यरत कर्मी भूखे मर रहे हैं. विश्वविद्यालय ने जून 2023 में एक पत्र द्वारा लोक महाविद्यालय हाफिजपुर के खाता में यह कह कर रोक लगा दी कि कोई भी व्यय विश्वविद्यालय के अनुमति से की जाये. कॉलेज प्रबंधन ने एक भी अनुमति नहीं ली और सारे व्यय बिना अनुमति किया, लेकिन कार्यरत कर्मियों के भुगतान हेतु कोई पहल नहीं की और विश्वविद्यालय प्रशासन भी मूक दर्शक बना रहा.
कर्मी करते रहें आवेदन फिर भी कार्यवाही नहीं
शिक्षक कर्मी बार बार आवेदन देते रहे लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की जा सकी. अगस्त 2024 में विश्वविद्यालय ने प्रो कृष्ण कुमार को विश्वविद्यालय प्रतिनिधि नामित करते हुए उन्हें सचिव तदर्थ समिति बनाया और वह भी टाल मटोल करते रहे. पुनः विश्वविद्यालय प्रशासन ने फरवरी 2026 में प्रो कृष्ण कुमार संकायाध्यक्ष व विभागाध्यक्ष वाणिज्य विभाग को शासी निकाय गठन कर उन्हें सचिव शासी निकाय बनाया. लेकिन उन्होंने त्याग पत्र दे दिया और उनके बाद मार्च 2026 में प्रो अजय कुमार आचार्य स्नातकोत्तर हिंदी विभाग को लोक महाविद्यालय हाफिजपुर शासी निकाय का सचिव बनाया गया.
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