Saran News : बिहार बंद का असर शुक्रवार को तरैया प्रखंड में लगभग बेअसर रहा. तरैया बाजार, पचौड़र बाजार समेत अन्य प्रमुख बाजारों में दुकानें, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और डाकघर सामान्य दिनों की तरह खुले रहे. हालांकि बंद की घोषणा के कारण बाजारों में ग्राहकों की संख्या अपेक्षाकृत कम रही.
स्कूल बंद, बसों की आवाजाही भी हुई कम
स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थान बंद रहने से बाजारों और सड़कों पर छात्र-छात्राओं की चहल-पहल नहीं दिखी. सुबह के समय सवारी बसों का परिचालन सामान्य रहा, लेकिन सुबह 10 बजे के बाद पटना, छपरा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज और सिवान जाने वाली बसों की संख्या काफी कम हो गई, जिससे सड़कों पर सन्नाटा छा गया.
पेट्रोल पंप और ढाबों पर दिखा बंद का असर
बिहार बंद का असर स्टेट हाईवे किनारे स्थित पेट्रोल पंप, लाइन होटल और ढाबों पर देखने को मिला. ग्राहकों की आवाजाही कम होने से इन प्रतिष्ठानों पर सामान्य दिनों जैसी भीड़ नहीं रही.
बंद के समर्थन में नहीं उतरे संगठन
तरैया में किसी भी छात्र संगठन या विपक्षी दल के कार्यकर्ता बंद के समर्थन में सड़क पर नहीं उतरे. पूरे दिन बाजारों में स्थिति सामान्य बनी रही और कहीं से भी किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली.
प्रशासन रहा पूरी तरह अलर्ट
बिहार बंद को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा. मढ़ौरा एसडीओ निधि राज, मढ़ौरा-2 (मशरक) एसडीपीओ संजय कुमार सुधांशु, पुलिस इंस्पेक्टर इन्द्रदेव महतो, थानाध्यक्ष धीरज कुमार समेत अन्य अधिकारियों ने संवेदनशील क्षेत्रों, चौक-चौराहों और प्रमुख सड़कों पर लगातार गश्त की. बंद से एक दिन पहले अधिकारियों ने पुलिस बल के साथ फ्लैग मार्च निकालकर लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की थी.
कानून हाथ में लेने पर कार्रवाई की चेतावनी
फ्लैग मार्च के दौरान एसडीपीओ ने स्पष्ट कहा था कि यदि किसी संगठन या दल के समर्थक जबरन दुकानें बंद कराने या यातायात बाधित करने का प्रयास करेंगे, तो उनके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन की इसी सक्रियता के कारण पूरे क्षेत्र में शांति और सामान्य स्थिति बनी रही.
