सारण के तरैया में 130 साल पुराने नीम के पेड़ से टकराया टैंकर, आधा हिस्सा सड़क पर गिरा, चालक फरार

तरैया बाजार में 130 साल पुराने एक विशाल नीम के पेड़ से टैंकर की टक्कर ने उसे आधा तोड़कर सड़क पर गिरा दिया. रात 8:30 बजे हुई इस घटना से बाजार में अफरातफरी मच गई. स्थानीय लोग इस पेड़ को अपनी पहचान मानते थे.

Taraiya Accident: तरैया बाजार स्थित तरैया-मढ़ौरा स्टेट हाइवे की मुख्य सड़क से थाना, प्रखंड कार्यालय और अस्पताल जाने वाली सड़क के किनारे करीब 130 साल पुराने विशाल नीम के पेड़ में शुक्रवार की रात एक टैंकर ने जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर के बाद पेड़ का आधा हिस्सा टूटकर सड़क पर गिर गया. घटना रात करीब साढ़े आठ बजे की बतायी जा रही है.

टैंकर की ठोकर से धराशायी हुआ विशाल नीम का पेड़

बताया जाता है कि गंडक नदी पर पुल निर्माण कार्य में लगी कंपनी के बड़े वाहनों के लगातार इस घुमावदार रास्ते से गुजरने के कारण हादसे का खतरा बना हुआ था. स्थानीय लोगों के अनुसार 18 चक्का हाइवा ट्रक भी अक्सर इस नीम के पेड़ से टकराते रहे हैं. इसके बावजूद बड़े वाहनों की आवाजाही इसी रास्ते से जारी है.

शुक्रवार की रात पुल निर्माण कार्य में लगे दो हाइवा ट्रक इस रास्ते से गुजरे. इसके पीछे सीमेंट लदा एक बड़ा टैंकर भी जबरन उक्त रास्ते में प्रवेश कर गया. स्थानीय लोगों ने चालक को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक टैंकर को आगे ले जाने लगा. इसी दौरान टैंकर नीम के पेड़ से सट गया.

पेड़ से टैंकर को अलग करने और आगे निकालने के प्रयास में पेड़ का बड़ा हिस्सा टूटकर सड़क पर गिर गया. हादसे के बाद टैंकर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया.

पेड़ गिरते ही बाजार में मची अफरातफरी

विशाल नीम का पेड़ टूटकर सड़क पर गिरने के साथ ही तरैया बाजार में अफरातफरी मच गयी. पेड़ की चपेट में आने से बिजली के तार भी टूटकर सड़क पर गिर गये. स्थानीय लोगों ने तत्काल बिजली विभाग को सूचना देकर बिजली की लाइन कटवायी.

घटना के दौरान रात होने के कारण पेड़ के आसपास दुकानदार और आमलोगों की मौजूदगी नहीं थी. हालांकि, इसी रास्ते से बाइक से गुजर रहे दो लोग आंशिक रूप से घायल हो गये. सूचना मिलने पर तरैया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया.

12 घंटे बाद पहुंची वन विभाग की टीम

घटना के करीब 12 घंटे बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची. टीम ने सड़क पर गिरे विशाल पेड़ को काटकर हटाया, जिसके बाद रास्ते पर यातायात बहाल हो सका.

स्थानीय दुकानदारों और ग्रामीणों ने पेड़ के बचे हुए आधे हिस्से को भी काटकर हटाने की मांग की है. लोगों का कहना है कि पेड़ का बचा हिस्सा भी कमजोर हो चुका है. तेज हवा या किसी बड़े वाहन की टक्कर से इसके दोबारा गिरने की आशंका बनी हुई है. ऐसे में समय रहते इसे हटाया नहीं गया तो भविष्य में बड़ी दुर्घटना हो सकती है.

तरैया की पहचान था 130 साल पुराना नीम का पेड़

करीब 130 साल पुराना यह विशाल नीम का पेड़ तरैया बाजार की एक अलग पहचान के रूप में प्रसिद्ध था. बाजार, गांव और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आने-जाने वाले लोग इस पेड़ की छांव में कुछ देर रुकते थे.

बाहर से तरैया आने वाले लोगों के लिए भी यह पेड़ एक पहचान बन चुका था. लोग अक्सर कहते थे कि वे तरैया के नीम के पेड़ के पास रुके हुए हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार यह पेड़ सिर्फ एक पेड़ नहीं, बल्कि तरैया बाजार की पुरानी पहचान और लोगों की यादों से जुड़ा हुआ था.

टैंकर की टक्कर में पेड़ का आधा हिस्सा टूटने के बाद अब इसके अस्तित्व पर संकट खड़ा हो गया है. स्थानीय लोगों में पुराने पेड़ के इस तरह क्षतिग्रस्त होने को लेकर दुख है. लोगों का कहना है कि प्रशासन को बड़े वाहनों की आवाजाही के लिए सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि बाजार के बीच इस तरह की घटना दोबारा नहीं हो.

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By मनोज कुमार

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