सोनपुर से डोरीगंज तक नाव परिचालन पर कड़ी निगरानी, ओवरलोडिंग पर होगी कार्रवाई

सारण जिला प्रशासन ने बाढ़ के दौरान नौकाओं में ओवरलोडिंग रोकने और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए विशेष निगरानी टीम तैनात की है।

Saran News : सारण जिले में बाढ़ की स्थिति और गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने नाव परिचालन की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. सोनपुर घाट से डोरीगंज घाट तक यात्रियों के आवागमन और राहत सामग्री के सुरक्षित परिवहन के लिए संचालित नावों की लगातार निगरानी की जाएगी. निरीक्षण के दौरान कुछ नावों पर निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों और सामान के परिवहन की बात सामने आने के बाद प्रशासन ने ओवरलोडिंग पर पूरी तरह रोक लगाने का निर्देश दिया है.

घाटों और मध्यवर्ती स्थलों पर होगी निगरानी

जिला पदाधिकारी के निर्देश पर जिला परिवहन पदाधिकारी ने सोनपुर और सदर अनुमंडल के विभिन्न घाटों एवं मध्यवर्ती स्थलों पर पदाधिकारियों और कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की है. ये अधिकारी लगातार गश्त और निरीक्षण कर नाव परिचालन की स्थिति पर नजर रखेंगे.

सोनपुर अनुमंडल में तीन अधिकारी तैनात

सोनपुर अनुमंडल के संबंधित घाटों और मध्यवर्ती स्थलों पर निगरानी के लिए मोटरयान निरीक्षक और दो अवर प्रवर्तन निरीक्षकों की प्रतिनियुक्ति की गई है. वहीं सदर अनुमंडल के घाटों पर भी मोटरयान निरीक्षक और दो अवर प्रवर्तन निरीक्षक लगातार नावों की जांच करेंगे.

ओवरलोडिंग मिली तो तत्काल कार्रवाई

प्रतिनियुक्त अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि नावों में निर्धारित क्षमता के अनुरूप ही यात्रियों और सामान का परिवहन हो. क्षमता से अधिक यात्री या सामान पाए जाने पर नाव संचालक के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी. सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले नाव संचालकों पर भी सुसंगत धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई होगी.

लाइफ जैकेट और महाजाल रखना अनिवार्य

प्रशासन ने प्रत्येक नाव में पर्याप्त संख्या में लाइफ जैकेट और आपात स्थिति में बचाव के लिए महाजाल की उपलब्धता अनिवार्य कर दी है. निरीक्षण के दौरान अधिकारी इन सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता के साथ उनके उपयोग की स्थिति भी जांचेंगे. सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने वाली नावों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने पर जोर

जिला प्रशासन ने नाव संचालकों और यात्रियों से निर्धारित क्षमता के अनुसार ही नाव का परिचालन और उपयोग करने की अपील की है. साथ ही लाइफ जैकेट समेत सभी सुरक्षा मानकों का पालन करने को कहा गया है. प्रशासन का कहना है कि बाढ़ और गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए घाटों और नाव परिचालन की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके और आम लोगों के साथ राहत सामग्री का सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो.

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By संजय भारद्वाज

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