Sawan Last Monday: सावन के अंतिम सोमवार को लेकर कांवरियों एवं श्रद्धालुओं के सुरक्षित आवागमन और सुगम यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है. लखीसराय के अशोकधाम मंदिर में 17 अगस्त को हुई भगदड़ की घटना के बाद श्रद्धालुओं की भीड़ वाले धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है. अशोकधाम में भारी भीड़ के बीच हुई घटना में कई श्रद्धालुओं की मौत हुई थी.
इसी क्रम में गुरुवार को सोनपुर अनुमंडल क्षेत्र में अनुमंडल पदाधिकारी स्निगधा नेहा एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में पहलेजा थानाध्यक्ष तथा कार्यपालक दंडाधिकारी रामजी पासवान की मौजूदगी में विभिन्न मार्गों और प्रमुख स्थलों का निरीक्षण किया गया.
कांवरिया मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा.
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कांवरियों के आवागमन वाले मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था, बैरिकेडिंग, भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया. संभावित भीड़ को देखते हुए संवेदनशील और भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया.
प्रशासन की ओर से यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि श्रद्धालुओं के आवागमन के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था उत्पन्न न हो और भीड़ बढ़ने की स्थिति में तत्काल आवश्यक कदम उठाया जा सके.
बैरिकेडिंग और यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखने का निर्देश.
अधिकारियों ने बैरिकेडिंग को व्यवस्थित और मजबूत रखने तथा यातायात को सुचारु बनाए रखने का निर्देश दिया. भीड़ बढ़ने की स्थिति में यातायात को नियंत्रित करने और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त व्यवस्था करने को कहा गया.
श्रावणी मेले के दौरान पहलेजा घाट से बाबा हरिहरनाथ मंदिर की ओर जाने वाले कांवरिया मार्ग पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पहले से व्यापक व्यवस्थाओं पर जोर दिया गया है. प्रशासन ने पहले भी सुरक्षा, बैरिकेडिंग, सीसीटीवी, चिकित्सा सुविधा और यातायात प्रबंधन को लेकर तैयारियां की हैं.
पुलिस और दंडाधिकारी लगातार रखेंगे नजर.
प्रशासन ने पुलिस पदाधिकारियों और दंडाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया है. प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त सतर्कता बरतने के साथ आपात स्थिति से निपटने के लिए भी तैयार रहने को कहा गया है.
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कांवरियों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से काम करने का निर्देश दिया गया.
अंतिम सोमवारी पर उमड़ सकती है बड़ी भीड़.
सावन के अंतिम सोमवार को सोनपुर के पहलेजा घाट और बाबा हरिहरनाथ मंदिर में बड़ी संख्या में कांवरियों एवं श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है. इसी को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, सुविधा और सुगम यातायात को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है.
लखीसराय के अशोकधाम में हाल में हुई भगदड़ की घटना के बाद भीड़ प्रबंधन को लेकर प्रशासन की सतर्कता और बढ़ गयी है. वहां हुई घटना में भीड़ के बीच अफरातफरी की स्थिति बनी थी और कई श्रद्धालुओं की जान गयी थी.
किसी भी स्थिति से निपटने को प्रशासन मुस्तैद.
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मार्गों और प्रमुख स्थलों पर उपलब्ध व्यवस्थाओं को देखा तथा जहां जरूरत है वहां सुधार के निर्देश दिए. प्रशासन की कोशिश है कि अंतिम सोमवारी के दौरान श्रद्धालुओं का आवागमन व्यवस्थित रहे और किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो.
अधिकारियों के निरीक्षण से साफ है कि सोनपुर प्रशासन अंतिम सोमवारी को लेकर सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण की तैयारियों को लेकर पूरी तरह मुस्तैद है.
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