Hariharnath Corridor News: विश्व प्रसिद्ध बाबा हरिहरनाथ मंदिर से जुड़े प्रस्तावित हरिहरनाथ कॉरिडोर को लेकर क्षेत्र के लोगों में असमंजस और चिंता का माहौल बना हुआ है. स्थानीय लोगों का कहना है कि अब तक प्रशासन की ओर से कॉरिडोर की सीमा, प्रभावित क्षेत्रों, भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया और पुनर्वास नीति को लेकर कोई स्पष्ट एवं आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है. इसके कारण लोग अपने भविष्य को लेकर संशय में हैं.
मरम्मत और नए निर्माण पर रोक से बढ़ी परेशानी
स्थानीय लोगों का कहना है कि कॉरिडोर की चर्चा शुरू होने के बाद हरिहरनाथ मंदिर के आसपास स्थित पुश्तैनी मकानों की मरम्मत और नए निर्माण कार्य पर प्रशासन ने रोक लगा दी है.
लोगों का कहना है कि यदि भविष्य में उनकी जमीन परियोजना के दायरे में आती है तो वर्षों की मेहनत और पूंजी प्रभावित हो सकती है. वहीं, निर्माण पर रोक के कारण कई परिवार अपने मकानों की जरूरी मरम्मत भी नहीं करा पा रहे हैं.
धार्मिक स्थलों के संरक्षण को लेकर भी उठी चिंता
क्षेत्र के सामाजिक सरोकार से जुड़े लोगों का कहना है कि इस इलाके में वर्षों पुराने छोटे-बड़े मठ और मंदिर स्थित हैं. उनका मानना है कि यदि परियोजना की रूपरेखा स्पष्ट किए बिना कार्य आगे बढ़ाया गया तो इन धार्मिक स्थलों के अस्तित्व पर भी असर पड़ सकता है.
उन्होंने मांग की है कि प्रशासन स्पष्ट करे कि परियोजना में किन-किन क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के लिए क्या व्यवस्था की जाएगी.
विकास का समर्थन, लेकिन पारदर्शिता की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि वे बाबा हरिहरनाथ मंदिर के विकास और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाओं के विरोधी नहीं हैं. उनका आग्रह है कि विकास कार्य स्थानीय लोगों के हितों, सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक आस्था का सम्मान करते हुए किया जाए.
उनका कहना है कि यदि किसी की भूमि अधिग्रहित की जाती है तो संबंधित लोगों की सहमति, उचित मुआवजा और कानून के अनुरूप पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए.
प्रशासन से उठाई ये प्रमुख मांगें
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि—
- हरिहरनाथ कॉरिडोर का विस्तृत मास्टर प्लान सार्वजनिक किया जाए.
- परियोजना से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों की स्पष्ट जानकारी दी जाए.
- भूमि अधिग्रहण, मुआवजा और पुनर्वास नीति को सार्वजनिक किया जाए.
- प्रभावित लोगों के साथ खुली बैठक आयोजित कर उनकी सभी आशंकाओं का समाधान किया जाए.
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