Saran News: छपरा नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत श्याम चक इलाके में स्थापित कचरा डंपिंग सिस्टम को जल्द ही पूरी तरह से हटाया जाएगा. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के सख्त रुख और स्थानीय नागरिकों की समस्याओं को देखते हुए जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव शुक्रवार को स्वयं श्याम चक कचरा डंपिंग स्थल पर पहुंचे. डीएम ने मौके का मुआयना करने के बाद नगर आयुक्त को कचरा डंपिंग सिस्टम को अविलंब स्थानांतरित करने और क्षेत्र की सफाई सुनिश्चित कराने का कड़ा निर्देश दिया.
निरीक्षण के दौरान मौजूद नगर आयुक्त रणजीत कुमार सहित निगम के अन्य तकनीकी पदाधिकारियों को निर्देशित करते हुए डीएम ने कहा कि अतिरिक्त मानव बल और तकनीकी संसाधन लगाकर युद्ध स्तर पर कार्य पूरा किया जाए. उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि इस महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी प्रकार की लेटलतीफी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
एनजीटी के नोटिस के बाद प्रशासन में बढ़ी हलचल
स्थानीय वार्ड पार्षद (आयुक्त) नेहा कुमारी के अनुसार, घनी आबादी के बीच स्थापित यह कचरा डंपिंग सिस्टम नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के रडार पर है. एनजीटी ने रिहायशी इलाके में कचरा डंप किए जाने पर कड़ा संज्ञान लेते हुए नगर विकास विभाग, जिला प्रशासन और नगर निगम के संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था. ट्रिब्यूनल ने निर्धारित समय-सीमा के भीतर कचरा डंपिंग स्थल को वहां से हटाने और पर्यावरण मानकों के अनुसार सफाई कराने का आदेश दे रखा है.
मार्च 2027 से पहले पूरा सिस्टम हटाना अनिवार्य
एनजीटी द्वारा तय की गई गाइडलाइंस के तहत मार्च 2027 से पहले श्याम चक से कचरा डंपिंग का पूरा ढांचा हटाना होगा और स्थल का समतलीकरण व वैज्ञानिक तरीके से सैनिटाइजेशन कराना होगा. डीएम के इस त्वरित औपचारिकता-मुक्त औचक निरीक्षण और कड़े आदेश के बाद स्थानीय नागरिकों को वर्षों से दुर्गंध और प्रदूषण की समस्या से स्थायी राहत मिलने की उम्मीद जगी है.
