Saran News : जानकारी नहीं देने वाले 220 स्कूलों को कारण बताओ नोटिस

नये सत्र में प्राइवेट स्कूलों की कक्षा एक में नामांकन की क्षमता और संभावित बीपीएल के नामांकन की जानकारी नहीं देने वाले जिले के रजिस्टर्ड 220 प्राइवेट स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.

छपरा. नये सत्र में प्राइवेट स्कूलों की कक्षा एक में नामांकन की क्षमता और संभावित बीपीएल के नामांकन की जानकारी नहीं देने वाले जिले के रजिस्टर्ड 220 प्राइवेट स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. इसकी जानकारी देते हुए समग्र शिक्षा अभियान की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी प्रियंका रानी ने बताया कि यह देखा जा रहा है कि बार-बार के निर्देश के बावजूद इन स्कूलों के द्वारा डाटा उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है और विभाग के आदेश की अवहेलना की जा रही है. ऐसे में इन स्कूलों को पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है उसके बाद इनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी जायेगी.

क्या है आदेश :

सारण जिले में शिक्षा के अधिकार के तहत शैक्षणिक सत्र 2025- 26 में निजी स्कूलों में कक्षा एक में नामांकन की संभावित संख्या या क्षमता और आर्थिक रूप से कमजाेर वर्ग के छात्र-छात्राओं का नामांकन क्षमता से संबंधित रिपोर्ट देने के लिए कई बार आदेश दिया गया, लेकिन 220 स्कूलों ने इसे हल्के में लिया अब यह महंगा पड़ने वाला है. विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सभी स्कूलों को शो कॉज जारी हो गया है. इन स्कूलों को जवाब देना होगा कि किस परिस्थिति में इन्होंने इंटेक्स कैपिसिटी फुलफिल नहीं किया.

नामांकन की तिथि भी निर्धारित :

संभाग प्रभारी के अनुसार स्कूलों में कक्षा एक में नामांकन के लिए तिथि का निर्धारण कर दिया गया है. 25 मार्च तक नामांकन की अंतिम तिथि है, लेकिन इसके बाद भी निजी स्कूल इनटेक कैपिसिटी की जानकारी नहीं दे रहे हैं. विभाग की ओर से इसको लेकर ज्ञानदीप पोर्टल लांच किया गया है. इसी पोर्टल पर आवश्यक जानकारी दर्ज करनी है. इसके माध्यम से सभी मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को कक्षावार अपने कुल सीटों की स्थिति स्पष्ट करनी है. लेकिन इसमें लापरवाही बढ़ती जा रही है.

सारण में हैं 602 रजिस्टर्ड प्राइवेट विद्यालय

समग्र शिक्षा अभियान कार्यालय के अनुसार सारण के सभी 20 प्रखंड में 602 रजिस्टर्ड विद्यालय हैं इनमें से 220 में इनटेक कैपेसिटी की जानकारी नहीं दी है. हालांकि विभाग की लापरवाही भी सामने आ रही है जिले में 1200 से अधिक प्राइवेट स्कूल है लेकिन जिन प्राइवेट स्कूलों ने रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है उन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है और वह विभाग के सभी नियमों का मखोल बना रहे हैं. ऐसे में रजिस्टर्ड कराये हुए स्कूल परेशान हैं कि विभाग की पिक एंड चूज की कार्रवाई कहां तक जायज है.

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