सारण जिला परिषद अध्यक्ष जयमित्रा देवी ने आरोपों को बताया निराधार, कहा- राजनीतिक दुर्भावना से हो रही छवि खराब करने की कोशिश

सारण जिला परिषद अध्यक्ष जयमित्रा देवी ने गड़खा की जिला परिषद सदस्य नीतू राय और उनके पति द्वारा लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी सरकारी योजनाएं नियमानुसार संचालित होती हैं और उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है.

Saran News: सारण जिला परिषद की अध्यक्ष जयमित्रा देवी ने बुधवार को अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित प्रेसवार्ता में गड़खा भाग-दो की जिला परिषद सदस्य नीतू राय एवं उनके पति राज किशोर राय द्वारा लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार, बेबुनियाद और राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताया. उन्होंने कहा कि उनकी साफ-सुथरी सार्वजनिक छवि को धूमिल करने की नीयत से झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं, जबकि इनमें सत्य का कोई आधार नहीं है.

सरकारी नियमों के तहत संचालित होती हैं सभी योजनाएं

जयमित्रा देवी ने कहा कि जिला परिषद की योजनाओं का चयन, अनुमोदन, क्रियान्वयन और गुणवत्ता जांच बिहार सरकार के निर्धारित नियमों एवं विभागीय प्रावधानों के अनुरूप की जाती है. किसी भी योजना को सदन के सदस्यों से मंतव्य प्राप्त करने के बाद ही स्वीकृति दी जाती है.

उन्होंने बताया कि योजनाओं का प्राक्कलन, तकनीकी स्वीकृति, स्थलीय निरीक्षण और गुणवत्ता परीक्षण अभियंताओं एवं इंजीनियरिंग सेल द्वारा किया जाता है. ऐसे में किसी योजना में कथित अनियमितता के लिए व्यक्तिगत रूप से अध्यक्ष को जिम्मेदार ठहराना तथ्यात्मक रूप से गलत है.

निर्माण, लीज और आवंटन की प्रक्रिया भी नियमों के अनुसार

अध्यक्ष ने पत्रकारों के बीच जारी लिखित स्पष्टीकरण में कहा कि जिला परिषद की संपत्तियों के निर्माण, लीज, दुकानों के आवंटन, किराया वसूली, हाट-बाजारों की बंदोबस्ती, योजना चयन तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांच जैसी सभी प्रक्रियाएं संबंधित विभागीय अधिकारियों एवं निर्धारित नियमावली के अनुसार पूरी की जाती हैं. अध्यक्ष की भूमिका केवल वैधानिक और प्रशासनिक प्रक्रिया तक सीमित होती है.

कबाड़ सामग्री के निस्तारण में व्यक्तिगत भूमिका से किया इनकार

जयमित्रा देवी ने कहा कि वर्ष 2022 में जिला परिषद की कबाड़ सामग्री, जिसमें पुराने पेड़, सोलर, इन्वर्टर, डाला एवं अन्य जीर्ण-शीर्ण संपत्तियां शामिल थीं, उनका निस्तारण भी विभागीय प्रक्रिया के तहत किया गया था. इसमें उनकी कोई व्यक्तिगत भूमिका नहीं थी.

उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2022-23 की योजनाओं के तहत नहर, पईन उड़ाही और सफाई कार्यों में रॉयल्टी की कटौती भी जिला परिषद के कर्मचारियों एवं पदाधिकारियों द्वारा नियमानुसार की गई, जिसकी राशि सीधे सरकारी खाते में जमा कराई गई.

हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक गए मामले, कोई आरोप सिद्ध नहीं

प्रेसवार्ता में अध्यक्ष ने कहा कि आरोप लगाने वाले सदस्य पहले भी विभिन्न न्यायालयों का सहारा ले चुके हैं. हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मामले गए, लेकिन आज तक उनके विरुद्ध एक भी आरोप सिद्ध नहीं हो सका.

उन्होंने कहा कि इसके बावजूद बार-बार झूठे आरोप लगाकर उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, जो पूरी तरह अनुचित और नियमों के विपरीत है.

झूठे आरोप लगाने वालों पर कार्रवाई की मांग

जयमित्रा देवी ने बिहार सरकार से मांग की कि बिना तथ्य और प्रमाण के सार्वजनिक रूप से झूठे आरोप लगाकर जनप्रतिनिधि की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले संबंधित सदस्य के विरुद्ध नियमानुसार अविलंब कार्रवाई की जाए.

प्रेसवार्ता में ये रहे मौजूद

प्रेसवार्ता में अमर राय, दरियापुर के जिला परिषद सदस्य करुणेश कुमार सिंह उर्फ गुड्डू पटेल, मांझी के जिला परिषद सदस्य रघुवंश सिंह उर्फ फूल सिंह, लहलहादपुर के जिला परिषद सदस्य अख्तर हुसैन, सोनपुर भाग-दो की जिला परिषद सदस्य रिचा राय के प्रतिनिधि शिवनाथ मंडल, मांझी की जिला परिषद सदस्य कांति देवी के प्रतिनिधि कमलेश राय, मढ़ौरा भाग-दो के जिला परिषद सदस्य आनंद कुमार, सोनपुर भाग-एक की जिला परिषद सदस्य विभा कुमारी के प्रतिनिधि अशोक राय, सदर भाग-दो के जिला परिषद सदस्य प्रेम रंजन राय, मढ़ौरा के जिला परिषद सदस्य इलियास अंसारी, दरियापुर भाग-तीन के जिला परिषद सदस्य मोहम्मद जफर इकबाल, श्लोक बिहारी शरण सिंह तथा बनियापुर के जिला परिषद सदस्य टुनटुन पटेल सहित अन्य लोग मौजूद रहे.

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By प्रभात किरण हिमांशु

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