तरैया में बदला मौसम का मिजाज, रातभर हुई बारिश ने गर्मी से दिलाई राहत, कई सड़कों पर जलजमाव

Saran Weather News: सारण के तरैया में देर रात हुई झमाझम बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली, लेकिन मुख्य सड़कों पर जलजमाव से आवागमन प्रभावित हो गया. वहीं बारिश से किसानों में खुशी का माहौल है और धान की खेती को नई उम्मीद मिली है.

तरैया से मनोज कुमार की रिपोर्ट
Saran Weather News:
सारण में भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे लोगों को शुक्रवार देर रात हुई जोरदार बारिश ने बड़ी राहत दी है. रात करीब दो बजे शुरू हुई बारिश से मौसम सुहाना हो गया और तापमान में गिरावट दर्ज की गई. हालांकि बारिश के बाद तरैया बाजार और मुख्य सड़कों पर जलजमाव की गंभीर समस्या सामने आ गई, जिससे आम लोगों और दुकानदारों की परेशानी बढ़ गई है.

बारिश से बदला मौसम का मिजाज

कई दिनों से पड़ रही तेज गर्मी और उमस के बीच हुई बारिश ने मौसम को खुशनुमा बना दिया. सुबह लोगों ने ठंडी हवाओं और सुहाने मौसम का आनंद लिया. तापमान में कमी आने से लोगों को राहत मिली और बाजारों में भी चहल-पहल देखने को मिली.

तरैया की मुख्य सड़कें बनीं तालाब

बारिश के बाद तरैया-मढ़ौरा, तरैया-मशरख और तरैया-अमनौर स्टेट हाईवे समेत कई प्रमुख मार्गों पर पानी भर गया. सड़क पर जगह-जगह जलजमाव होने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई. पैदल चलने वालों और दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

नालियों की बदहाली बनी जलजमाव की बड़ी वजह

स्थानीय लोगों के अनुसार शिव मंदिर, अवधिया टोला, अमनौर रोड और बाजार के कई हिस्सों में नालियों की सफाई और जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण पानी सड़कों पर जमा हो गया. कई नालियां जर्जर हैं, जबकि कई स्थानों पर निकासी पूरी तरह बाधित है. नतीजा यह है कि थोड़ी सी बारिश में ही सड़कें तालाब जैसी दिखने लगती हैं.

व्यापार पर भी पड़ा असर

जलजमाव का असर स्थानीय व्यापार पर भी दिखाई देने लगा है. दुकानदारों का कहना है कि सड़कों पर पानी भर जाने के कारण ग्राहक बाजार आने से बच रहे हैं. कई दुकानों के सामने पानी जमा होने से लोगों को दुकान तक पहुंचने में भी दिक्कत हो रही है, जिससे कारोबार प्रभावित हुआ है.

हर साल बनती है यही स्थिति

स्थानीय लोगों ने बताया कि बारिश के मौसम में हर वर्ष यही समस्या सामने आती है. बावजूद इसके जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता. लोगों ने प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की है ताकि बरसात के दिनों में जलजमाव की समस्या से राहत मिल सके.

धान की खेती को मिली संजीवनी

जहां शहर और बाजार क्षेत्र में जलजमाव परेशानी का कारण बना, वहीं किसानों के लिए यह बारिश राहत लेकर आई है. बारिश नहीं होने से खेत सूख चुके थे और धान का बिचड़ा डालने का काम प्रभावित हो रहा था. बारिश के बाद किसानों ने खेतों की तैयारी तेज कर दी है और धान की खेती को नई उम्मीद मिली है.

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By Sakshi Kumari

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