सारण में मजदूरी कर घर लौट रहे मजदूर की सड़क हादसे में मौत, तेज रफ्तार वाहन ने रौंदा

Saran News: दिनभर मजदूरी कर घर लौट रहे 70 वर्षीय मजदूर की अज्ञात वाहन की चपेट में आने से मौत हो गई. घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया.

सारण से सुनील तिवारी की रिपोर्ट
Saran News:
सारण के दाउदपुर थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे में बुजुर्ग की दर्दनाक मौत हो गई. दिनभर मजदूरी कर घर लौट रहे 70 वर्षीय मजदूर की अज्ञात वाहन की चपेट में आने से मौत हो गई. घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया, जबकि पूरे गांव में शोक का माहौल है.

मजदूरी कर पैदल लौट रहे थे घर

मिली जानकारी के अनुसार दाउदपुर थाना क्षेत्र के हर्षपुरा गांव निवासी 70 वर्षीय वशिष्ठ साह गोंड रविवार की देर शाम मजदूरी कर पैदल अपने घर लौट रहे थे. इसी दौरान छपरा-सीवान मुख्य मार्ग पर दाउदपुर बाजार और पुरानी चट्टी के बीच किसी तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वह सड़क पर गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े.

स्थानीय लोगों ने पहुंचाया अस्पताल

हादसे के बाद मौके पर जुटे स्थानीय लोगों और दाउदपुर थाना पुलिस की मदद से घायल बुजुर्ग को दाउदपुर के एक निजी क्लीनिक में भर्ती कराया गया. वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत गंभीर देखते हुए बेहतर इलाज के लिए छपरा रेफर कर दिया. घटना की सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे और गंभीर रूप से घायल वशिष्ठ साह गोंड को लेकर छपरा रवाना हुए. लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई.

मजदूरी ही था परिवार का सहारा

ग्रामीणों के अनुसार वशिष्ठ साह गोंड बेहद साधारण आर्थिक स्थिति में जीवन बिता रहे थे. वह रोज मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे. उनकी पत्नी का पहले ही निधन हो चुका है. मृतक अपने पीछे तीन पुत्र, तीन पोते और एक विवाहित पुत्री को छोड़ गए हैं. परिवार के एक पुत्र की शादी हो चुकी है, जबकि दो पुत्र अभी अविवाहित हैं और दिल्ली में रहकर मजदूरी करते हैं.

गरीब परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

परिजनों का कहना है कि वशिष्ठ साह गोंड ही परिवार की सबसे बड़ी ताकत थे. उनकी मौत से परिवार आर्थिक और मानसिक दोनों रूप से टूट गया है. गांव के लोग भी इस हादसे से स्तब्ध हैं. घटना की सूचना मिलने पर पंचायत के मुखिया अभिषेक कुमार सिंह ने पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की. उन्होंने कहा कि मृतक की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी और मजदूरी ही उनके जीवनयापन का मुख्य साधन था.

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Published by: Sakshi kumari

साक्षी देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की धरती सीवान से आती हैं. पत्रकारिता में करियर की शुरुआत News4Nation के साथ की. 3 सालों तक डिजिटल माध्यम से पत्रकारिता करने के बाद वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के साथ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार की राजनीति में रुचि रखती हैं. हर दिन नया सीखने के लिए इच्छुक रहती हैं.

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