Saran News: सितंबर महीने में रुक-रुक कर हो रही बारिश से धान की फसल अब लहलहाने लगी है. वहीं, मक्के की फसल में भी भुट्टे लगने शुरू हो गये हैं. फसलों में हरियाली देखकर किसानों में उत्साह है. हालांकि औसत से कम बारिश होने के कारण इस बार धान के खेतों में काफी मात्रा में खरपतवार उग आये हैं, जिससे किसानों की परेशानी बढ़ गयी है.
धान के खेतों से खरपतवार निकालने में जुटे किसान
फिलहाल किसान अपने परिजनों के साथ मिलकर धान के खेतों से खरपतवार निकालने में जुटे हैं. जिन किसानों ने धान के खेतों से खरपतवार की निकौनी कर ली है, वे अब यूरिया के छिड़काव में जुट गये हैं. किसानों का कहना है कि समय पर बारिश होने से फसलों को अब फायदा मिल रहा है.
जुलाई-अगस्त में कम बारिश से हुआ नुकसान
किसान महेश राम, अजय साह, वीरेंद्र बैठा, रविरंजन कुमार, सुभाष सिंह आदि ने बताया कि जुलाई और अगस्त महीने में औसत से कम बारिश होने के कारण खरीफ फसलों को काफी नुकसान हुआ है. हालांकि सितंबर में अब तक अच्छी बारिश होने से धान और मक्के की फसल में फिर से हरियाली छाने लगी है.
हथिया नक्षत्र पर टिकी किसानों की उम्मीद
किसानों ने बताया कि यदि हथिया नक्षत्र ने साथ दिया और आगे भी अनुकूल मौसम रहा, तो खरीफ फसलों की पैदावार अच्छी हो सकती है. सितंबर की बारिश से फिलहाल धान और मक्के की फसल की स्थिति में सुधार दिखाई दे रहा है, जिससे किसानों को बेहतर उत्पादन की उम्मीद जगी है.
