दिघवारा. मूसलधार बारिश ने चुनावी मौसम को तो प्रभावित किया ही है, साथ ही चुनावी प्रचार में किस्मत आजमाने वाले प्रत्याशियों के लिए भी मुश्किलें बढ़ा दी हैं. चुनाव प्रचार के अंतिम समय में मौसम के अचानक बदलते मिजाज ने न केवल जनसंपर्क अभियान को प्रभावित किया है, बल्कि प्रत्याशियों की रणनीतियों पर भी पानी फेर दिया है. अब प्रत्याशी, खासकर दिघवारा क्षेत्र में, परेशान हैं, क्योंकि भारी बारिश के कारण न तो चुनाव प्रचार के लिए बड़े नेताओं का हेलीकॉप्टर लैंड कर पा रहा है और न ही बारिश में उनके समर्थक उनका साथ देने के लिए बाहर निकल रहे हैं.
जनसंपर्क अभियान पर मौसम का असर
पिछले दो दिनों से हो रही मूसलधार बारिश ने प्रत्याशियों का जनसंपर्क अभियान बुरी तरह प्रभावित किया है. कई प्रमुख नेताओं के प्रचार की योजना के तहत हेलीकॉप्टर से दिघवारा आने का कार्यक्रम था, लेकिन बारिश और गीले मैदान की वजह से यह संभव नहीं हो सका. न केवल हेलीकॉप्टर, बल्कि नेताओं के समर्थकों का भी जनसंपर्क में हिस्सा लेना कम हो गया है, क्योंकि बारिश के कारण कई लोग घरों में कैद हो गये हैं. जनसंपर्क अभियान के लिए बनाये गये प्लान पर बारिश ने पानी फेर दिया है. इसके चलते नेताजी की रातों की नींद गायब हो गयी है और अब वे सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से वोटरों तक अपनी अपील पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं. इस मौसम में उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि अगर उनका कोई बड़ा कार्यक्रम आयोजित होता है और भीड़ नहीं जुटती, तो यह उनके वोटरों पर बुरा असर डाल सकता है. इस स्थिति से बचने के लिए कोई भी प्रत्याशी ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन नहीं करना चाह रहा है, जिनमें मौसम की बेरुखी के चलते कम भीड़ जुटने का खतरा हो.हेलीकॉप्टर लैंडिंग का मलाल
इस बार भी दिघवारा के वोटरों को हेलीकॉप्टर लैंड होते हुए देखने की उम्मीद थी, जैसे कि लोकसभा चुनावों में भी उनकी यह उम्मीद अधूरी रह गयी थी. चुनावी प्रचार के लिए हेलीकॉप्टर से नेताओं के आगमन का जो सपना वोटरों ने देखा था, वह अब तक अधूरा ही रहा. पिछली बार की तरह, इस बार भी दिघवारा के खेल मैदान पर हेलीकॉप्टर लैंड करने की संभावना कम होती जा रही है, क्योंकि बारिश के कारण मैदान पूरी तरह से गीला हो चुका है.ॉ
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