Saran News: केंद्रीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर सारण जिला कांग्रेस की ओर से मंगलवार को कांग्रेस भवन में प्रेस वार्ता आयोजित की गयी. प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष डॉ. शंकर चौधरी ने छात्र-युवाओं के आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमों को वापस लेने और गिरफ्तार लोगों को शीघ्र रिहा करने की मांग की.
डॉ. चौधरी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्र-युवाओं पर लाठीचार्ज किया गया. उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान सारण पुलिस और जिला प्रशासन की ओर से किया गया सहयोग सराहनीय रहा. हालांकि, प्रदर्शन के दौरान पत्थरबाजी, आगजनी तथा छात्रों, पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों के घायल होने की घटनाओं को उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताया.
सरकार की नीतियों को ठहराया जिम्मेदार
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के कारण ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई. उन्होंने कहा कि यदि सरकार समय रहते छात्र-युवाओं की मांगों पर निर्णय लेती तो हालात इस स्तर तक नहीं पहुंचते.
उन्होंने दावा किया कि आंदोलन समाप्त होने के दौरान मुकदमे वापस लेने और गिरफ्तार लोगों को रिहा करने पर सहमति बनी थी, लेकिन सारण समेत कई जिलों में इसका पालन नहीं किया गया.
सभी एफआईआर रद्द करने की मांग
डॉ. शंकर चौधरी ने गृह विभाग के विशेष सचिव की ओर से जारी हालिया पत्र का हवाला देते हुए जिला प्रशासन से आंदोलन से जुड़े सभी एफआईआर रद्द करने की मांग की. साथ ही जेल और थानों में बंद छात्र-युवाओं को अविलंब रिहा करने की मांग रखी.
उन्होंने कहा कि छात्र-युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार को इस मामले में संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेना चाहिए.
मांग नहीं मानी तो आंदोलन तेज करेगी कांग्रेस
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी छात्र-युवाओं के समर्थन में अपना आंदोलन और तेज करेगी. उन्होंने सरकार और जिला प्रशासन से आंदोलन से जुड़े मामलों में तत्काल सकारात्मक पहल करने की मांग की.
प्रेस वार्ता में केदारनाथ सिंह, अब्दुल कादिर खान, ललन कुमार सिंह, मालिक प्रसाद यादव, कुमार विशाल सिंह, राहुल कुमार यादव और फैसल अनवर समेत अन्य कांग्रेस नेता मौजूद रहे.
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