सारण: पहले दिन क्लीन चिट, दो दिन बाद स्पष्टीकरण; दो प्रधानाचार्यो पर कार्रवाई से शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर सवाल

रसूलपुर के स्कूलों में निरीक्षण के दो दिन बाद प्राचार्यों को शोकॉज मिलने से शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर उठे बड़े सवाल। जानिए क्या है पूरा मामला।

Saran News : एकमा प्रखंड के स्कूलों में शिक्षा विभाग की कार्रवाई को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं. दो दिन पूर्व बीईओ मनीष कुमार के औचक निरीक्षण के बाद उत्क्रमित मध्य विद्यालय तेलीयाडीह और रामानंदन सिंह उच्च विद्यालय योगियां के प्रधानाचार्यों से अलग-अलग स्पष्टीकरण मांगा गया है. खास बात यह है कि निरीक्षण के दिन दोनों स्कूलों में कोई बड़ी त्रुटि सामने नहीं आने की बात कही जा रही थी. इसके दो दिन बाद अचानक दोनों स्कूलों में अनियमितताओं को लेकर स्पष्टीकरण मांगने से शिक्षकों और स्थानीय लोगों के बीच चर्चा तेज हो गयी है.

दो दिन बाद सामने आयीं कई अनियमितताएं

विभाग की ओर से मांगे गये स्पष्टीकरण में आरोप लगाया गया है कि स्कूल में कुछ शिक्षक अनुपस्थित रहते हैं, छात्रों की उपस्थिति काफी कम रहती है और स्कूल में मौजूद कुछ शिक्षक कक्षा के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल करते पाए गये. इन आरोपों को लेकर प्रधानाचार्यों से जवाब मांगा गया है.

हालांकि, शिक्षकों और स्थानीय लोगों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर है कि यदि निरीक्षण के दौरान ऐसी अनियमितताएं सामने आयी थीं, तो उसी समय कार्रवाई क्यों नहीं की गयी. वहीं, यदि पहले निरीक्षण में कोई गंभीर खामी नहीं मिली थी, तो दो दिन बाद अचानक स्पष्टीकरण की कार्रवाई किस आधार पर की गयी.

कार्रवाई के समय को लेकर उठ रहे सवाल

दोनों स्कूलों के प्रधानाचार्यों से स्पष्टीकरण मांगे जाने के बाद प्रखंड में शिक्षा विभाग की कार्यशैली को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गयी हैं. शिक्षकों का कहना है कि विभाग को किसी भी अनियमितता पर कार्रवाई करने का अधिकार है, लेकिन कार्रवाई की प्रक्रिया और उसके आधार को स्पष्ट रखना भी जरूरी है.

स्थानीय लोगों के बीच भी सवाल है कि निरीक्षण के समय सामने आये तथ्यों और बाद में जारी स्पष्टीकरण में अंतर क्यों दिखाई दे रहा है. इसी वजह से कार्रवाई के समय और प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं.

शिक्षकों में रोष, विभाग ने दबाव से किया इनकार

स्पष्टीकरण की कार्रवाई से संबंधित स्कूलों के शिक्षकों में नाराजगी बतायी जा रही है. वहीं, पूरे मामले में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने किसी भी तरह के राजनीतिक या बाहरी दबाव से साफ इनकार किया है. उनका कहना है कि निरीक्षण के दौरान कुछ अनियमितताएं सामने आयी थीं और उसी के आधार पर कार्रवाई की गयी है.

क्या कहते हैं अधिकारी

बीईओ मनीष कुमार ने कहा कि विभाग पर किसी भी प्रकार का राजनीतिक या बाहरी दबाव नहीं है. निरीक्षण के दौरान कुछ अनियमितताएं सामने आयी थीं. विभाग की कार्रवाई पूरी तरह निष्पक्ष और नियमों के दायरे में की गयी है. यदि स्कूल प्रबंधन नियमों के अनुसार सही है, तो उसे जांच में सहयोग करना चाहिए.

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By Prabhat khabar news desk

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