PM Surya Ghar Yojana: जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति और इसके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर बैठक हुई. बैठक हाइब्रिड मोड में आयोजित की गयी. इसमें संबंधित पदाधिकारी भौतिक रूप से उपस्थित रहे, जबकि प्रखंड एवं अन्य स्तर के पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े.
बैठक में जिले में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गयी. जिला पदाधिकारी ने अधिक से अधिक पात्र परिवारों को योजना से जोड़ने और आम लोगों को योजना के लाभ तथा आवेदन प्रक्रिया की जानकारी देने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया. उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को योजना को मिशन मोड में लेकर काम करने को कहा.
बुधवार से तीन दिवसीय विशेष कैंप
जिला पदाधिकारी ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों और नगर निकायों के पदाधिकारियों को बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार को तीन दिवसीय विशेष कैंप आयोजित करने का निर्देश दिया. शिविरों में पात्र उपभोक्ताओं को योजना की जानकारी देने, आवेदन प्रक्रिया समझाने तथा बैंक ऋण और सोलर रूफटॉप से जुड़ी समस्याओं का मौके पर समाधान कराने की व्यवस्था की जायेगी.
उन्होंने विशेष कैंपों में जनप्रतिनिधियों, बड़े व्यवसायियों, डीलर्स, पूर्व लाभार्थियों, बैंक प्रतिनिधियों, संबंधित कनीय अभियंताओं और अधिकृत वेंडर्स की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. पंचायत और नगर निकाय स्तर तक व्यापक प्रचार-प्रसार एवं जनजागरूकता अभियान चलाने को भी कहा गया.
केंद्र की ₹78 हजार तक सब्सिडी, राज्य देगी ₹20 हजार अतिरिक्त
जिला पदाधिकारी ने बताया कि केंद्र सरकार की पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत तीन किलोवाट एवं उससे अधिक क्षमता के सोलर रूफटॉप सिस्टम पर ₹78 हजार तक की सब्सिडी का प्रावधान है. राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त ₹20 हजार की सहायता का प्रावधान किए जाने से पात्र लाभार्थियों को योजना का और अधिक लाभ मिलेगा.
उन्होंने बताया कि जिले में करीब 30 से 35 हजार ऐसे उपभोक्ता हैं, जिनका मासिक बिजली बिल कई मामलों में करीब ₹1,900 तक आता है. ऐसे उपभोक्ताओं के लिए पीएम सूर्यघर योजना काफी लाभकारी हो सकती है. बैंक ऋण की आवश्यकता होने पर करीब ₹1,000 से ₹1,200 की मासिक किस्त के माध्यम से भी योजना का लाभ लिया जा सकता है. सोलर बिजली के उत्पादन से लाभार्थी लंबे समय तक बिजली खर्च में बचत कर सकेंगे.
बैंकों को निर्देश, छोटी कमियों पर आवेदन अस्वीकृत नहीं करें
जिला पदाधिकारी ने बैंक प्रतिनिधियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि पीएम सूर्यघर योजना के लाभार्थियों के बैंक ऋण आवेदनों को छोटी तकनीकी या प्रक्रियागत कमियों के आधार पर अनावश्यक रूप से अस्वीकृत नहीं किया जाये.
उन्होंने कहा कि ऋण से संबंधित समस्याओं के समाधान को लेकर मुख्य सचिव स्तर पर भी बैंक प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की गयी है. जिला स्तर पर भी संबंधित बैंकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये हैं.
डीएम ने कहा कि सिबिल स्कोर, गृहस्वामी के नाम और योजना आवेदन में नाम की मामूली भिन्नता अथवा पूर्व से मौजूद विद्युत लोड और आवेदन में दिये गये लोड में अंतर जैसे मामलों में केवल इसी आधार पर ऋण आवेदन को अस्वीकृत नहीं किया जाना चाहिए. ऐसे मामलों में संबंधित पदाधिकारी और बैंक प्रतिनिधि आपसी समन्वय से नियमानुसार समाधान सुनिश्चित करें.
अधिक से अधिक परिवारों को जोड़ने पर जोर
डीएम ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को पीएम सूर्यघर योजना को लेकर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने और अधिक से अधिक पात्र परिवारों को योजना से जोड़ने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि योजना का लाभ आम लोगों तक पहुंचाने में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जायेगी.
उन्होंने जिले की आबादी और क्षमता के अनुरूप योजना के निर्धारित लक्ष्य को प्रभावी ढंग से हासिल करने के लिए सभी संबंधित विभागों, बैंक प्रतिनिधियों, कनीय अभियंताओं और वेंडर्स को आपसी समन्वय के साथ मिशन मोड में काम करने को कहा.
वरीय पदाधिकारी करेंगे कैंपों का निरीक्षण
जिला पदाधिकारी ने जिला स्तर के सभी वरीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे प्रखंड और नगर निकाय स्तर पर आयोजित होने वाले विशेष कैंपों का स्वयं भ्रमण कर निरीक्षण करें. शिविरों में आवश्यक व्यवस्था, संबंधित कर्मियों की उपस्थिति, आम लोगों की सुविधा और योजना से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने की प्रक्रिया सुनिश्चित करने को कहा गया.
उन्होंने सभी पदाधिकारियों को प्रशासनिक एवं विकासात्मक कार्यों में तेजी लाने और निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. डीएम ने स्पष्ट कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी.
इसे भी पढ़ें:सावन की तीसरी सोमवारी पर बाबा हरिहरनाथ पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा, लखीसराय हादसे के बाद सुरक्षा कड़ी
