Saran News : छपरा सदर अस्पताल में मरीजों को इलाज के लिए अब पहले की तुलना में कम इंतजार करना पड़ रहा है. अस्पताल प्रशासन की नई व्यवस्था के बाद मरीजों का वेटिंग टाइम 35-40 मिनट से घटकर करीब 25 मिनट रह गया है. अब रजिस्ट्रेशन, बीपी जांच और चिकित्सक तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया आधे घंटे के भीतर पूरी हो रही है.
दो माह में दिखा व्यवस्था सुधार का असर
अस्पताल प्रबंधक राजेश्वर प्रसाद ने बताया कि प्रतिदिन 800 से 900 मरीजों का रजिस्ट्रेशन होता है. पहले अधिक वेटिंग टाइम के कारण कई मरीज बिना इलाज कराए ही लौट जाते थे. अब पहले और दूसरे शिफ्ट में पंजीकृत करीब 85 प्रतिशत मरीजों का इलाज समय पर हो रहा है. इससे खासकर दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को राहत मिली है.
रजिस्ट्रेशन काउंटर पर लागू हुआ क्यू मैनेजमेंट सिस्टम
सदर अस्पताल में रजिस्ट्रेशन काउंटर पर क्यू मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया गया है. भव्या ऐप के माध्यम से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बाद मरीजों को कंप्यूटराइज्ड पर्ची दी जा रही है. इसमें संबंधित विभाग, चिकित्सक का नाम, कक्ष संख्या, रजिस्ट्रेशन का समय और अनुमानित प्रतीक्षा समय अंकित रहता है. इससे मरीजों को विभाग खोजने या इधर-उधर भटकने की जरूरत नहीं पड़ रही है.
माइक से पुकारे जा रहे हैं मरीज
अस्पताल प्रशासन ने अधिक भीड़ होने की स्थिति में माइकिंग की व्यवस्था भी शुरू की है. अब मरीजों को पर्ची पर दिए गए नंबर के आधार पर बुलाया जा रहा है. पहले कई मरीज अपनी बारी आने से पहले अस्पताल परिसर से बाहर चले जाते थे या नाम पुकारे जाने की आवाज नहीं सुन पाते थे, जिससे व्यवस्था प्रभावित होती थी. नई व्यवस्था से यह समस्या काफी हद तक दूर हो गई है.
डीएम के निर्देश के बाद हुआ सुधार
करीब दो माह पहले जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने सदर अस्पताल का निरीक्षण कर मरीजों के वेटिंग टाइम को कम करने का निर्देश दिया था. इसके बाद ओपीडी व्यवस्था में कई सुधार किए गए. अस्पताल प्रशासन का दावा है कि नई व्यवस्था से मरीजों को समय पर इलाज मिलने के साथ-साथ अस्पताल की कार्यप्रणाली भी अधिक व्यवस्थित हुई है.
