Saran News: लगातार हो रही बारिश ने परसा प्रखंड में सड़क व्यवस्था की पोल खोल दी है. परसा हाई स्कूल चौक से प्रभुनाथ महाविद्यालय जाने वाली मुख्य सड़क पर गंभीर जलजमाव और बड़े-बड़े गड्ढों के कारण लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है. चेतन परसा के समीप सड़क कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त होने से बारिश का पानी भर गया है, जिससे वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को रोजाना जोखिम उठाना पड़ रहा है.
दर्जनों गांवों को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग बदहाल
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार यह सड़क परसा, प्रभुनाथ महाविद्यालय, चेतन परसा, पावर सब स्टेशन, मिर्जापुर, बनौता, मुजौना सहित दर्जनों गांवों को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है. इस रास्ते से प्रतिदिन हजारों लोग साइकिल, मोटरसाइकिल, चारपहिया वाहनों और पैदल आवागमन करते हैं. सड़क की जर्जर स्थिति के कारण लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.
बारिश में गड्ढों का नहीं चलता पता, बढ़ा हादसों का खतरा
ग्रामीणों ने बताया कि चेतन परसा के समीप सड़क कई जगहों पर पूरी तरह टूट चुकी है. बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क और गड्ढों के बीच अंतर समझ पाना मुश्किल हो जाता है. ऐसे में वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल चलने वाले लोगों के लिए भी दुर्घटना का खतरा बना रहता है. कई लोग फिसलकर घायल भी हो चुके हैं.
विद्यार्थियों और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी
सड़क की खराब स्थिति का सबसे अधिक असर प्रभुनाथ महाविद्यालय आने-जाने वाले छात्र-छात्राओं, मरीजों और ग्रामीणों पर पड़ रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण हर वर्ष बारिश के मौसम में यही स्थिति उत्पन्न हो जाती है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है.
ग्रामीणों ने सड़क मरम्मत और जलनिकासी की उठाई मांग
राजेश कुमार, संजय कुमार राय, अशोक कुमार, जगदीश सिंह, मो. फिरोज, सनोज सिंह, देवेंद्र सिंह, अलाउद्दीन, शहीद हुसैन, पुलिस राय, जोगी सिंह, शिवजी सिंह, आदित्य कुमार, प्रीति कुमारी, प्रिंस कुमार, राहुल कुमार, अजीत कुमार, नसीर अहमद, राजू कुमार और रामचंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने प्रशासन एवं संबंधित विभाग से अविलंब सड़क की मरम्मत कराने और जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है.
समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो होगा आंदोलन
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़क की मरम्मत और जलनिकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है. उन्होंने कहा कि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो संबंधित विभाग के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा. साथ ही जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से इस गंभीर समस्या पर शीघ्र कार्रवाई करने की अपील की गई है.
ग्रामीणों ने क्या कहा
मो. फिरोज (ग्रामीण): "यह सड़क चेतन परसा, प्रभुनाथ महाविद्यालय, मिर्जापुर, मुजौना, बनौता सहित दर्जनों गांवों को जोड़ती है. वर्षों से इसकी स्थिति जर्जर बनी हुई है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ है."
रमेश सिंह (ग्रामीण): "इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों लोगों का आवागमन होता है. सड़क की खराब स्थिति के कारण राहगीरों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है."
देवेंद्र सिंह (ग्रामीण): "बारिश शुरू होते ही जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो जाती है. आए दिन राहगीर गिरकर घायल हो रहे हैं, लेकिन संबंधित विभाग का इस ओर कोई ध्यान नहीं है."
