Saran News : नगर निगम के इंतजाम इस बार भी अधूरे, 50 फीसदी बड़े नाले की ही हो पायी सफाई

Saran News : नगर क्षेत्र में सफाई, सड़क और नाला निर्माण सहित अन्य विकास योजनाओं को लेकर फरवरी और मार्च में नगर प्रशासन द्वारा बड़े-बड़े दावे किये गये थे. लेकिन मई के अंतिम सप्ताह में यह दावे अब खोखले साबित हो रहे हैं.

छपरा. नगर क्षेत्र में सफाई, सड़क और नाला निर्माण सहित अन्य विकास योजनाओं को लेकर फरवरी और मार्च में नगर प्रशासन द्वारा बड़े-बड़े दावे किये गये थे. लेकिन मई के अंतिम सप्ताह में यह दावे अब खोखले साबित हो रहे हैं. जैसे-जैसे मानसून की संभावित तिथि नजदीक आ रही है, नगर प्रशासन और महापौर की कथनी और करनी की हकीकत सामने आने लगी है.

नगर की तैयारी जिस तरह अधूरी है, उससे यह आशंका और प्रबल हो गयी है कि इस साल भी छपरा शहर को मानसून और बाढ़ के पानी से बचाया नहीं जा सकेगा. न तो सभी 43 प्रमुख नालों की सफाई पूरी हो सकी है और न ही ऐतिहासिक खनूआ नाले का निर्माण कार्य पूर्ण हुआ है. इसकी कनेक्टिविटी भी अधूरी है. जिला समाहरणालय के ठीक सामने स्थित कलेक्ट्रेट रोड इसका सबसे बड़ा उदाहरण है, जहां खनूआ नाला पूरब और पश्चिम दोनों ओर से अधूरा पड़ा है. ऐसे में बारिश का पानी सीधे सड़क पर आयेगा और पिछली बार की तरह सरकारी दफ्तरों समेत आसपास के इलाकों को जलजमाव की चपेट में ले आयेगा.

पार्षद बोले-सिर्फ 50 प्रतिशत ही हुई है नालों की सफाई

नगर निगम क्षेत्र के कई पार्षदों ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि सभी नालों की सफाई की बात केवल कागजों तक सीमित रही. पार्षद उषा देवी, नेहा देवी, बबीता सिंह, संजीव रंजन, श्याम कुमार, सुनीता देवी और रमाकांत सिंह आदि ने बताया कि अभी तक 50 प्रतिशत नालों की भी पूरी सफाई नहीं हो पायी है. खनूआ नाले का निर्माण कार्य जहां शुरू हुआ है, वह भी आधा-अधूरा है.

सड़क निर्माण में भी भारी लापरवाही

फरवरी में नगर प्रशासन और महापौर ने यह घोषणा की थी कि शहर में 150 से अधिक सड़कों और नालों का निर्माण कराया जायेगा. मार्च में टेंडर प्रक्रिया पूरी कर लेने की बात कही गयी थी, लेकिन मई के अंतिम सप्ताह तक केवल 14-15 सड़कों पर ही काम शुरू हो पाया है, वह भी केवल छोटी गलियों में. प्रमुख जलजमाव क्षेत्रों की सड़कों पर अब तक कोई काम शुरू नहीं हुआ है. पार्षदों ने महापौर और नगर आयुक्त पर आरोप लगाते हुए कहा कि तकनीकी पदाधिकारियों द्वारा जानबूझकर निर्माण कार्यों को टालने का प्रयास किया गया ताकि मानसून आने के बाद काम टाल दिया जाये.

मेरे स्तर पर कोई लापरवाही नहीं हुई है

ऐसा नहीं है कि मेरी ओर से कोई प्रयास नहीं किया गया. भरपूर प्रयास किया गया, लेकिन नगर विकास विभाग के इंजीनियरों की लापरवाही के कारण काम में देरी हुई. सफाई का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है. मेरे स्तर पर कोई लापरवाही नहीं है.

लक्ष्मी नारायण गुप्ता, महापौर

90 प्रतिशत से अधिक बड़े नालों की सफाई हो चुकी है पूरी

यह कहना गलत है कि केवल 50 प्रतिशत सफाई हुई है. मेरी जानकारी में 90 प्रतिशत से अधिक बड़े नालों की सफाई पूरी हो चुकी है. निर्माण कार्यों को अंतिम रूप दे दिया गया है. कुछ योजनाओं में संवेदक नहीं आने के कारण देरी हुई, लेकिन इस महीने में सब स्पष्ट हो जायेगा.

सुनील कुमार पांडे, नगर आयुक्त

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By Alok kumar

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