रसूलपुर (एकमा) से देवेंद्र सिंह की रिपोर्ट
रसूलपुर (एकमा) क्षेत्र के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र रसूलपुर चट्टी बाजार में प्याज की कीमतों में हुई बेतहाशा वृद्धि ने आम उपभोक्ताओं के पसीने छुड़ा दिए हैं. खाने-पीने की हर छोटी-बड़ी चीज में इस्तेमाल होने वाले प्याज के दाम अचानक बढ़ने से गृहिणियों का बजट पूरी तरह गड़बड़ा गया है. स्थानीय लोग इस बढ़ती महंगाई को लेकर बेहद चिंतित हैं और बाजार में इसे लेकर काफी चर्चा है.
रसूलपुर चट्टी बाजार में इन दिनों प्याज खरीदने पहुंच रहे लोग इसके बढ़े हुए भाव सुनकर हैरान हैं. स्थानीय ग्राहकों का कहना है कि कुछ हीं दिनों पहले जो प्याज 20 से 25 रूपए प्रति किलो की दर पर आसानी से उपलब्ध था, अब उसके लिए 60 रूपए प्रति किलो तीन गुने तक दाम चुकाने पड़ रहे हैं. मध्यम और गरीब परिवार अब किलो के बजाय पाव में प्याज खरीदने को मजबूर हैं, जिससे रसोई का स्वाद भी फीका पड़ गया है.
दुकानदारों और व्यापारियों का क्या है कहना
बाजार के स्थानीय खुदरा सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि थोक मंडियों से ही प्याज महंगी दरों पर आ रही है. आपूर्ति कम होने के कारण उनके पास ऊंचे दामों पर बेचने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है.
व्यापारियों के मुताबिक, अगर आने वाले दिनों में नई फसल की आवक नहीं सुधरी, तो कीमतें और भी बढ़ सकती हैं. वहीं बढ़ती महंगाई से नाराज रसूलपुर चट्टी के स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से इस मामले में तुरंत दखल देने की मांग की है. लोगों का कहना है कि प्रशासन को बाजार में जमाखोरी और कृत्रिम किल्लत पैदा करने वालों पर कड़ी नजर रखनी चाहिए, ताकि आम जनता को इस भारी वित्तीय बोझ से राहत मिल सके.
