छपरा. सदर अस्पताल के अल्ट्रासाउंड विभाग में अनियमितता तथा जांच की संख्या कम होने के कारण मरीजों को आये दिन परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. प्रभात खबर में भी मरीजों को हो रही परेशानी को लेकर लगातार खबरें प्रकाशित की जा रही थीं, जिसका असर अब दिखने लगा है. अस्पताल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अल्ट्रासाउंड विभाग में नये चिकित्सक डॉ आदित्य विक्रम की नियुक्ति की है, जिनके प्रयासों से व्यवस्था में बेहतर सुधार हुआ है. वर्तमान में डॉ आदित्य विक्रम द्वारा दो शिफ्ट में प्रतिदिन 40 से 50 मरीजों की जांच की जा रही है, जबकि पहले यहां एक ही शिफ्ट मे मात्र 20 से 25 मरीजों का ही अल्ट्रासाउंड हो पाता था. जांच की संख्या बढ़ने से मरीजों को अब लंबी प्रतीक्षा से राहत मिल रही है और उन्हें समय पर जांच की सुविधा उपलब्ध हो रही है. इससे इलाज की प्रक्रिया भी तेज हुई है, जिससे मरीजों में खुशी देखी जा रही है. नये चिकित्सक ने महज 15 दिन पहले ही अपना पदभार संभाला है, लेकिन इतने कम समय में ही उन्होंने विभाग की कार्यशैली में सुधार लाते हुए मरीजों के हित में प्रभावी पहल की है.
प्रतिदिन होगा मरीजों का अल्ट्रासाउंड, नया गाइडलाइन जारी : सदर अस्पताल के अल्ट्रासाउंड विभाग में अब मरीजों को पहले की तुलना में काफी सहूलियत हो रही है. पहले सप्ताह के चार दिनों तक ही सामान्य मरीजों का अल्ट्रासाउंड किया जाता था, जबकि शुक्रवार और शनिवार को केवल गर्भवती महिलाओं की जांच की व्यवस्था थी. इस कारण सामान्य मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था और उन्हें अपनी जांच के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था.
हालांकि, अब व्यवस्था में बदलाव किया गया है. वर्तमान में गर्भवती महिलाओं के साथ-साथ सामान्य मरीजों का भी प्रतिदिन अल्ट्रासाउंड किया जा रहा है. इसके लिए किसी विशेष दिन या समय की बाध्यता नहीं रखी गयी है, जिससे सभी मरीज अपनी सुविधा के अनुसार जांच करा पा रहे हैं. इसके अलावा, जांच के समय में भी विस्तार किया गया है. पहले जहां अल्ट्रासाउंड जांच दोपहर एक बजे तक ही होती थी, वहीं अब दूसरी शिफ्ट भी शुरू कर दी गयी है. यह दूसरी शिफ्ट शाम चार बजे से छह बजे तक संचालित हो रही है. इस नयी व्यवस्था से मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है और अस्पताल में भीड़ का दबाव कम हुआ है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं.
