Chhapra News : अब नयी तकनीक से टीबी के मरीजों की होगी जांच, सीवाइ-टीबी टेस्ट तकनीक का हुआ शुभारंभ

Chhapra News : सारण में टीबी उन्मूलन को लेकर स्वास्थ्य विभाग के द्वारा विभिन्न स्तर पर प्रयास किया जा रहा है. स्वास्थ्य विभाग ने टीबी को जड़ से खत्म करने के लिए पहल करते हुये नयी तकनीक को लागू किया है.

छपरा. सारण में टीबी उन्मूलन को लेकर स्वास्थ्य विभाग के द्वारा विभिन्न स्तर पर प्रयास किया जा रहा है. स्वास्थ्य विभाग ने टीबी को जड़ से खत्म करने के लिए पहल करते हुये नयी तकनीक को लागू किया है. अब नयी तकनीक से टीबी के संभावित मरीजों की जांच की जायेगी. अब सीवाई-टीबी टेस्ट के माध्यम से टीबी के संभावित मरीजों की जांच होगी. सारण में इसकी शुरुआत कर दी गयी है. इसके साथ हीं सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों, बीएचएम, बीसीएम और नर्स को इसको लेकर प्रशिक्षित किया गया है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के स्टेट कंसल्टेंट डॉ विजेंद्र सौरभ, डॉ रत्नेश्वर प्रसाद ओर डीपीसी हिमांशु शेखर के द्वारा प्रशिक्षण दिया गया है. टीबी के मरीजों के संपर्क में रहने वाले परिवार के सदस्यों का जांच किया जायेगा. 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों के जांच के लिए इस विधि का उपयोग किया जायेगा. सारण में इसकी शुरूआत कर दी गयी है. सबसे पहले छपरा सदर प्रखंड के एक मरीज के परिवार के तीन सदस्यों का इस विधि से टीबी का जांच किया गया है. डब्ल्यूएचओ के डॉ विजेंद्र सौरभ ने बताया कि यह जांच त्वचा पर छोटे से इंजेक्शन के माध्यम से की जाती है. 48 से 72 घंटे के अंदर यदि इंड्यूरेशन पांच मिमी से अधिक होता है तो मरीज को टीबी संक्रमित मानकर टीपीटी दवा दी जायेगी यदि इंड्यूरेशन पांच मिमी से कम हो, तो मरीज को असंक्रमित मानकर डेढ़ महीने बाद दोबारा जांच की जायेगी. उन्होंने बताया कि टीबी मरीजों के परिवार के सभी सदस्यों की शत-प्रतिशत स्क्रीनिंग की जाएगी ताकि संक्रमण का समय रहते पता लगाया जा सके.

हाइ रिस्क वाले लोगों में टीबी संक्रमण का पता लगाने में सार्थक सिद्ध होगा सीवाइ-टीबी

सीडीओ डॉ रत्नेश्वर प्रसाद सिंह ने बताया कि हाइ रिस्क वाले लोगों में कोई टीबी संक्रमित तो नहीं, इसका पता अब सीवाई-टीबी टेस्ट से किया जायेगा. 48 से 72 घंटे बाद पांच एमएम से ज्यादा का इंडयूरेशन टीबी संक्रमण माना जायेगा. संक्रमण पाये जाने पर संबंधित के अन्य टेस्ट कराकर टीबी का नि:शुल्क इलाज कर ठीक किया जायेगा. टीबी संक्रमण की आधुनिकतम जांच विधि सीवाई-टीबी को फोरआर्म में 0.1 एमल इंट्राडर्मल लगाया जायेगा. संक्रमण पाये जाने पर संबंधित के अन्य टेस्ट कराकर टीबी का नि:शुल्क इलाज कर मरीज को ठीक किया जायेगा. सीवाई-टीबी टेस्ट की वॉयल प्राप्त हो गयी हैं.

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By ALOK KUMAR

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