छपरा. जिस बात को लेकर अंदेशा जताया जा रहा था आखिरकार नगर निगम प्रशासन ने वही किया है. जलजमाव समस्या की बड़ी योजनाओं को दरकिनार करते हुए छोटी-छोटी योजनाओं को प्राथमिकता दी गयी है और टेंडर के लिए भेज दिया गया है. ऐसे में एक बार फिर गलत निर्णय की वजह से छपरा नगर निगम की कई मुख्य सड़के बरसात में डूबेगी. वही छोटी-छोटी योजनाओं के नाम पर सरकारी राशि की घालमेल करने की पूरी छूट रहेगी. क्योंकि आज तक जितनी भी नगर निगम की योजनाएं स्वीकृत हुई और उन पर काम हुआ उनकी जांच नहीं हुई.
इसका एक उदाहरण जहां शहर के पूरा गुदरी बाजार मासूम गंज रोड है, तो पश्चिम में वार्ड 42 में भिखारी ठाकुर चौक से रोजा महारानी स्थान की ओर जाने वाला रोड है जहां सड़क निर्माण और पेवर ब्लॉक बचाने के नाम पर खेल हुआ है. एक बार फिर वही खेल होने जा रहा है.75 योजनाएं टेंडर में भेजी गयी, अधिकतर सड़क और नाला से संबंधित :
प्रभात खबर को जो जानकारी मिली है उसके अनुसार प्रथम चरण में नगर निगम क्षेत्र के पश्चिमी क्षेत्र के एक से 22 वार्ड के लिए 44 योजनाओं का चयन किया गया है इसमें छोटी बड़ी सौ से अधिक सड़के और नाले होंगे. इसी तरह वार्ड 23 से लेकर 45 के लिए लगभग 10 करोड़ की 31 योजनाओं का चयन किया गया है और इन्हें टेंडर के लिए 48 घंटे के अंदर भेज दिया जाएगा. इसके तहत भी 70 से 80 छोटी छोटी सड़के और नाले हैं. यह सभी गली नाली योजना के तहत है. जानकारी हो की नगर निगम ने 80 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाली 45 वार्ड की 450 योजनाएं स्वीकृत की है. योजनाओं में जल जमाव वाले कई सड़क भी शामिल है. इसके अलावा ड्रेनेज और कई सौंदर्यकरण की योजनाएं शामिल है.इन बड़ी योजनाओं को किया गया नजर अंदाज
नगर निगम की प्राथमिकता में शहर की वैसी बड़ी योजनाएं थी जहां सालों भर जलजमाव रहता है. बोर्ड की बैठकों में इन्हीं योजनाओं को लेकर हाय तौबा मचती थी. लेकिन जब मौका मिला तो सबसे पहले अपना स्वार्थ देखने लगे और आम लोगों की समस्या को दरकिनार कर दिया. मुख्य रूप से 14 बड़ी योजनाओं को लेकर काफी चर्चा हुई थी जिलाधिकारी और राज्य के बड़े अधिकारियों के पास भी इसे लेकर जानकारी दी गयी थी. इनमें भगवान बाजार थाना रोड, गुदरी बाजार टक्कर मोर रोड और अन्य योजनाएं शामिल थी जो हमेशा पूर्व और वर्तमान महापौर के द्वारा प्राथमिकता में गिनायी जाती रही है.सभी योजनाओं का टेंडर जल्द होगा
जो योजनाएं एक करोड़ से ऊपर की होती है उनकी स्वीकृति के लिए कुछ प्रक्रियाओं को पूरा करना पड़ता है. हालांकि इसमें तेजी लायी जा रही है और उन सभी योजनाओं का भी टेंडर जल्द होगा. जिन योजनाओं का टेंडर हो रहा है वह भी आवश्यक योजनाएं हैं.सुनील कुमार पांडे, नगर आयुक्त, छपरा नगर निगम
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