सुबह-शाम छपरा से पटना सीधी ट्रेन नहीं, 10 हजार दैनिक यात्रियों की बढ़ी परेशानी

छपरा से पटना के बीच सुबह और शाम सीधी ट्रेन सेवा शुरू न होने से हजारों दैनिक यात्रियों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. लगातार मांग के बावजूद रेल मंत्रालय ने अब तक इस रूट पर नई ट्रेन सेवा शुरू नहीं की है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है.

Saran News: छपरा से पटना के बीच सुबह और शाम सीधी ट्रेन सेवा शुरू नहीं होने से हजारों दैनिक यात्रियों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. जनप्रतिनिधियों की लगातार मांग और यात्रियों की गुहार के बावजूद रेल मंत्रालय ने अब तक इस रूट पर नई ट्रेन सेवा शुरू नहीं की है. इससे लोगों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है. प्रतिदिन सिवान और छपरा से करीब 10 हजार से अधिक लोग रोजगार, शिक्षा और अन्य कार्यों के लिए पटना आते-जाते हैं.

विधानसभा से लेकर रेल मंत्रालय तक उठ चुका है मामला

छपरा विधायक छोटी कुमारी ने बिहार विधानसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए सुबह और शाम के समय नई ट्रेनों के परिचालन की मांग की थी. सरकार ने भी स्वीकार किया था कि इस रूट पर यात्रियों का दबाव काफी अधिक है और अतिरिक्त ट्रेन सेवा की जरूरत है. इसके बावजूद अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है.

रेल मंत्री के सामने भी उठी मांग

महाराजगंज के सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने हाल ही में छपरा जंक्शन पर आयोजित कार्यक्रम में रेल मंत्री के समक्ष भी इस मांग को प्रमुखता से रखा था. हालांकि रेल मंत्री ने इस विषय पर कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की. इससे यात्रियों में यह धारणा बन रही है कि लगातार मांग के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है.

वर्तमान व्यवस्था यात्रियों के लिए परेशानी का कारण

फिलहाल छपरा से पटना के लिए सुबह और शाम के समय कोई सीधी मेमू या पैसेंजर ट्रेन उपलब्ध नहीं है. यात्रियों को हाजीपुर या सोनपुर होकर गुजरने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों पर निर्भर रहना पड़ता है या फिर सड़क मार्ग से सफर करना पड़ता है. कई लंबी दूरी की ट्रेनें समय से नहीं चलतीं, जिससे नौकरीपेशा लोगों और छात्रों को काफी परेशानी होती है. सड़क मार्ग से यात्रा करने में करीब ढाई घंटे का समय लगता है, जबकि बसों का किराया भी काफी अधिक है.

यात्रियों ने क्या कहा

चैनवा (सिवान) निवासी अमित कुमार ने कहा कि थावे से पाटलिपुत्र तक सिवान और छपरा होते हुए सुबह इंटरसिटी ट्रेन चलनी चाहिए, जो सुबह 9:30 बजे तक पटना पहुंच जाए.

रसूलपुर निवासी आदित्य पांडे का कहना है कि बस माफियाओं और नेताओं की मिलीभगत के कारण नई ट्रेन सेवा शुरू नहीं हो रही है.

काशी बाजार निवासी शुभम कुमार ने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों को इस गंभीर समस्या पर प्रभावी पहल करनी चाहिए.

दहियावां निवासी शुभंजय कुमार ने कहा कि बस का किराया 300 रुपये से अधिक है, जबकि ट्रेन से यही यात्रा 30 से 40 रुपये में पूरी हो सकती है.

दिघवारा निवासी संजीव कुमार रस्तोगी ने बलिया से पटना तक सुबह चलने वाली ट्रेन शुरू करने और चार जोड़ी ट्रेनों के परिचालन की मांग की.

भगवान बाजार निवासी शांति देवी ने कहा कि नई ट्रेन सेवा शुरू होने से बस संचालकों की मनमानी पर भी रोक लगेगी.

रेलवे अधिकारियों ने क्या कहा

वाराणसी मंडल के मुख्य प्रचार निरीक्षक हिमांशु राव ने बताया कि सारण और महाराजगंज के सांसदों द्वारा भेजे गए प्रस्ताव को महाप्रबंधक के माध्यम से रेलवे बोर्ड भेज दिया गया है. रेलवे बोर्ड से स्वीकृति मिलने के बाद आगे की जानकारी साझा की जाएगी.

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By Chandrashekhar Saran

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