Saran News: सारण जिले के जलालपुर प्रखंड अंतर्गत माधोपुर पंचायत के मुखिया धर्मेंद्र कुमार ने टीबी मुक्त भारत अभियान को जनभागीदारी से सफल बनाने की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल की है. उन्होंने अपनी पंचायत के तीन टीबी पीड़ितों को गोद लेकर उनके इलाज, पोषण और हरसंभव सहयोग का संकल्प लिया. मुखिया की इस पहल की स्थानीय लोगों ने सराहना करते हुए इसे समाज के लिए एक बड़ा कदम बताया है.
डीएम की अपील का असर
सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव की विशेष अपील के बाद जिले में जनप्रतिनिधियों द्वारा टीबी मरीजों को गोद लेने का अभियान लगातार गति पकड़ रहा है. इसी कड़ी में आगे आते हुए मुखिया धर्मेंद्र कुमार ने सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए तीन मरीजों की पूरी देखरेख का जिम्मा स्वीकार किया. मुखिया ने कहा कि समय पर जांच, नियमित दवा और पौष्टिक आहार से मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकते हैं.
भेदभाव न करने की अपील
सारण के जलालपुर में जागरूकता फैलाते हुए मुखिया ने लोगों से टीबी मरीजों के प्रति किसी भी प्रकार का सामाजिक भेदभाव न करने और इस राष्ट्रीय अभियान में सहयोग देने की पुरजोर अपील की. उन्होंने कहा कि टीबी कोई लाइलाज बीमारी नहीं है, बल्कि सही समय पर इलाज मिलने से यह पूरी तरह ठीक हो जाती है. इसके लिए मरीजों का मनोबल बढ़ाना बेहद जरूरी है.
अधिकारियों ने भी बढ़ाई मदद
सारण के जलालपुर प्रखंड में इस अभियान के तहत पूर्व में ही बीडीओ विनोद प्रसाद व बीडीसी राजन तिवारी ने भी टीबी के दो-दो मरीजों को गोद लिया है. बीडीओ ने स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों को साझा करते हुए बताया कि जलालपुर में अब तक दो हजार से अधिक लोगों की गहन स्कैनिंग की जा चुकी है. इस जांच अभियान के बाद कुल 37 वैसे मरीजों की पहचान हो सकी है, जो टीबी रोग से पीड़ित हैं.
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