कुलपति के आदेश पर JPU के नौ शिक्षकों का रोका गया वेतन, जानिए वजह?

JP University Teachers : जयप्रकाश विश्वविद्यालय ने नवस्थापित राजकीय डिग्री महाविद्यालयों में योगदान न देने वाले नौ शिक्षकों का वेतन स्थगित कर दिया है। इन शिक्षकों ने प्रतिनियुक्ति को पटना हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जहां मामले की अगली सुनवाई 30 जुलाई को होगी।

JP University Teachers : जयप्रकाश विश्वविद्यालय (जेपीयू) ने नवस्थापित राजकीय डिग्री महाविद्यालयों में प्रतिनियुक्ति के बावजूद योगदान नहीं देने वाले नौ शिक्षकों का वेतन स्थगित कर दिया है. कुलपति के आदेश पर रजिस्ट्रार ने संबंधित पत्र जारी किया है. दूसरी ओर, इस प्रतिनियुक्ति को चुनौती देते हुए शिक्षकों ने पटना हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जहां मामले की अगली सुनवाई 30 जुलाई को होगी.

JP University Teachers : योगदान नहीं देने वाले शिक्षकों का वेतन रोका

जयप्रकाश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. परमेंद्र कुमार बाजपेई के आदेश पर रजिस्ट्रार डॉ. नारायण दास ने पत्र संख्या 5599-इएसटी-1 जारी कर नवस्थापित राजकीय डिग्री महाविद्यालयों में प्रभारी प्राचार्य और अर्थपाल के पद पर प्रतिनियुक्ति के बावजूद योगदान नहीं देने वाले नौ शिक्षकों का वेतन भुगतान तत्काल प्रभाव से स्थगित करने का निर्देश दिया है.

किन कॉलेजों से जुड़ा है मामला?

वेतन स्थगित करने की कार्रवाई राजकीय डिग्री महाविद्यालय बरौली, सिधवलिया, पंचदेवरी, विजयीपुर (गोपालगंज), इसुआपुर, मशरख, पानापुर, तरैया (सारण) में प्रभारी प्राचार्य के पद पर योगदान नहीं देने वाले शिक्षकों तथा राजकीय डिग्री महाविद्यालय आंदर (सीवान) में अर्थपाल के पद पर योगदान नहीं देने वाले शिक्षक से संबंधित है.

प्रतिनियुक्ति को लेकर हाईकोर्ट में चुनौती

इस पूरे मामले को लेकर संबंधित शिक्षकों ने पहले ही पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर की है. सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय के अधिवक्ताओं को निर्देश दिया है कि याचिका में लगाए गए आरोपों का बिंदुवार जवाब दाखिल करें. अदालत ने विश्वविद्यालय से यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि प्राचार्यों की नियुक्ति और तबादले से जुड़े नियमों का पालन क्यों नहीं किया गया.

30 जुलाई को होगी अगली सुनवाई

हाईकोर्ट ने यह भी कहा है कि याचिकाकर्ताओं द्वारा दिए गए आवेदन पर विश्वविद्यालय के कुलपति विचार करेंगे. मामले की अगली सुनवाई 30 जुलाई को निर्धारित की गई है. अब इस सुनवाई पर शिक्षकों और विश्वविद्यालय प्रशासन दोनों की नजरें टिकी हैं.

शिक्षकों ने प्रतिनियुक्ति प्रक्रिया पर उठाए सवाल

शिक्षकों का आरोप है कि प्रतिनियुक्ति संबंधी आदेश ग्रीष्मावकाश के दौरान जारी किया गया, जबकि राजभवन की ओर से अवकाश रद्द करने का कोई निर्देश नहीं था. उनका कहना है कि कई शिक्षकों को आदेश सीधे ई-मेल या व्हाट्सएप के माध्यम से नहीं भेजा गया और न ही प्रतिनियुक्ति से पहले उनकी सहमति ली गई.

28 नए राजकीय डिग्री कॉलेजों की हो रही मॉनिटरिंग

इस वर्ष जयप्रकाश विश्वविद्यालय के अंतर्गत छपरा, सीवान और गोपालगंज में 28 नए राजकीय डिग्री महाविद्यालय स्थापित किए गए हैं. विश्वविद्यालय स्तर पर इन सभी कॉलेजों की मॉनिटरिंग की जा रही है. इन्हीं संस्थानों में प्रभारी प्राचार्य, अर्थपाल और शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति की गई है.

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Author: Prabhat kiran himanshu

Published by: Sakshi Kumari

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