JPU E-Learning : जयप्रकाश विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए पढ़ाई का तरीका अब और डिजिटल होने जा रहा है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने कॉलेजों की लाइब्रेरी में ई-लर्निंग की सुविधा मजबूत करने की पहल शुरू की है. इसके तहत ई-बुक्स, ऑनलाइन जर्नल्स, कंप्यूटर और डिजिटल स्टडी मैटेरियल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी है. इससे स्नातक, पीजी और शोध छात्रों को पढ़ाई व रिसर्च में मदद मिलने की उम्मीद है.
कॉलेजों की लाइब्रेरी को बनाया जाएगा हाईटेक
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए जेपीयू के विभिन्न कॉलेजों की लाइब्रेरी में ई-लर्निंग की व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा. कुलपति प्रो. परमेंद्र कुमार बाजपेई ने विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर डिजिटल एजुकेशन को बेहतर बनाने पर चर्चा की है.
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छात्रों को मिलेगी ई-लाइब्रेरी की सुविधा
कॉलेजों की लाइब्रेरी में ई-लर्निंग की व्यवस्था शुरू होने के बाद छात्रों को डिजिटल स्टडी मैटेरियल तक पहुंच मिलेगी. वे अपनी जरूरत के अनुसार विभिन्न विषयों से संबंधित ई-बुक्स और ऑनलाइन सामग्री का अध्ययन कर सकेंगे.
ऑनलाइन जर्नल्स और ई-बुक्स भी होंगे उपलब्ध
नई व्यवस्था के तहत लाइब्रेरी में स्टडी मैटेरियल के लिए ऑनलाइन जर्नल्स, कंप्यूटर और ई-बुक्स जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है. डिजिटल टीचिंग की सुविधा भी विकसित की जाएगी, जिससे छात्रों को पारंपरिक किताबों के साथ ऑनलाइन संसाधनों से भी पढ़ने का अवसर मिलेगा.
शोध छात्रों को मिलेगा खास फायदा
ई-लाइब्रेरी की सुविधा का लाभ शोध छात्रों को भी मिलने की उम्मीद है. डिजिटल संसाधनों के जरिए उन्हें अपने शोध विषय से संबंधित किताबों, जर्नल्स और अन्य अध्ययन सामग्री तक पहुंच मिल सकेगी. इससे शोध कार्य के लिए जरूरी संदर्भ सामग्री जुटाने में सहूलियत होगी.
सेंट्रल लाइब्रेरी पहले से हो चुकी है अपडेट
डिजिटल एजुकेशन के तहत विश्वविद्यालय की सेंट्रल लाइब्रेरी को पहले ही अपडेट किया जा चुका है. यहां छात्रों को ज्ञानवर्धक पुस्तकों के साथ विदेशों की महत्वपूर्ण किताबों के अध्ययन का अवसर मिल रहा है. अब इसी दिशा में कॉलेज स्तर की लाइब्रेरी को भी विकसित करने की पहल की गई है.
कुछ कॉलेजों में पहले से उपलब्ध है डिजिटल मैटेरियल
विश्वविद्यालय के अनुसार, कुछ कॉलेजों की लाइब्रेरी में छात्रों के लिए वाई-फाई आधारित अध्ययन सामग्री उपलब्ध है. हालांकि, मौजूदा व्यवस्था में छात्रों को सीमित डिजिटल संसाधनों का लाभ मिल रहा है. ई-लर्निंग व्यवस्था लागू होने के बाद अध्ययन के लिए संसाधनों का दायरा बढ़ाने की तैयारी है.
नया इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की तैयारी
ई-लर्निंग को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए कॉलेजों की लाइब्रेरी में नया इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा. इसके तहत डिजिटल उपकरणों और अध्ययन सामग्री की व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा. इसका उद्देश्य छात्रों को एक ही जगह पर पारंपरिक और डिजिटल दोनों तरह के अध्ययन संसाधन उपलब्ध कराना है.
छात्रों को ई-लर्निंग के लिए किया जाएगा प्रोत्साहित
विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों को ई-लर्निंग से जोड़ने के लिए भी पहल कर रहा है. पीजी विभागों और कॉलेजों में नामांकित छात्रों को डिजिटल अध्ययन के फायदे बताए जा रहे हैं. छात्रों को नियमित रूप से ई-लाइब्रेरी का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा.
लाइब्रेरी कार्ड बनाने के निर्देश
ई-लाइब्रेरी की सुविधा का उपयोग करने के लिए कॉलेजों और पीजी विभागों को छात्रों के लाइब्रेरी कार्ड बनाने का निर्देश दिया गया है. विश्वविद्यालय की योजना है कि ई-लर्निंग को छात्रों की नियमित पढ़ाई का हिस्सा बनाया जाए.
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