JPU News: जय प्रकाश विश्वविद्यालय (जेपीयू), छपरा के प्राध्यापक डॉ. रवि प्रकाश बबलू ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पटना उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के क्रियान्वयन में हो रहे विलंब पर गहरी चिंता व्यक्त की है. उन्होंने सीडब्ल्यूजेसी (CWJC) संख्या 9715/2026 में हाईकोर्ट द्वारा 1 सितंबर 2026 को दिए गए स्पष्ट आदेश का हवाला देते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से अविलंब आवश्यक कदम उठाने की मांग की है. इस संबंध में प्रो. बबलू ने जेपीयू के कुलपति, कुलसचिव और कुलाधिपति सह राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव को औपचारिक पत्र प्रेषित किया है.
27 जून से लंबित है वेतन
विश्वविद्यालय प्रशासन और राजभवन को भेजे गए पत्र में प्रो. रवि प्रकाश ने उल्लेख किया है कि पटना हाईकोर्ट के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के बावजूद उनके मामले में अब तक कोई ठोस व अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई है. उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि 27 जून 2026 से उनका वेतन लंबित रखा गया है, जिसके चलते उन्हें भारी आर्थिक संकट और विभिन्न मानसिक व प्रशासनिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.
आदेश की अवहेलना दुर्भाग्यपूर्ण
प्रो. रवि प्रकाश ने कहा कि एक सम्मानित शिक्षक को अपने न्यायसंगत अधिकारों के लिए अदालत का स्पष्ट फैसला आने के बाद भी यदि दोबारा कोर्ट की शरण में जाना पड़े, तो यह विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है. उन्होंने मांग की कि विश्वविद्यालय प्रशासन बिना किसी हीला-हवाली के उच्च न्यायालय के आदेश का अक्षरशः और उसकी मूल भावना के अनुरूप तत्काल अनुपालन सुनिश्चित करे, ताकि स्थिति सामान्य हो सके.
अवमानना याचिका दायर करने की चेतावनी
"यदि उच्च न्यायालय के आदेश का शीघ्र अनुपालन करते हुए लंबित वेतन भुगतान और अन्य परिणामी लाभों से संबंधित कार्रवाई तत्काल नहीं की गई, तो वे विश्वविद्यालय के संबंधित पदाधिकारियों के विरुद्ध पटना हाईकोर्ट में अदालत की अवमानना (कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट) याचिका दायर करने को विवश होंगे. विश्वविद्यालय प्रशासन अनावश्यक मुकदमेबाजी और वित्तीय बोझ से बचे तथा न्यायिक मर्यादा का सम्मान करते हुए समयबद्ध निर्णय ले."- प्रो. रवि प्रकाश बबलू, प्रोफेशर, जेपीयू
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