सोनपुर. विश्व प्रसिद्ध हरिहरक्षेत्र सोनपुर के साधु गाछी में पिछले छह दिनों से चल रहे 27वें श्री ब्रह्मोत्सव सह श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ की भव्य पूर्णाहुति के साथ धार्मिक अनुष्ठानों का समापन हुआ. इस अवसर पर भगवान श्री गजेंद्र मोक्ष का अष्टोत्तरशत कलशाभिषेक, पंचामृताभिषेक एवं दिव्य रसायनों से महाभिषेक किया गया. श्री गजेंद्र मोक्ष देवस्थानम दिव्य देश पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी लक्ष्मणाचार्य जी महाराज ने यज्ञ की पूर्णाहुति के अवसर पर कहा कि इस जगत में अन्न दान से बड़ा कोई दान नहीं है. उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के पास चाहे कितना भी सोना, चांदी, हीरा-मोती या वस्त्रालंकार क्यों न हों, यदि अन्न दान नहीं किया जाता तो वह सारा धन व्यर्थ प्रतीत होता है. यज्ञ के अवसर पर देश के कोने-कोने से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए उन्होंने अन्न दान की महिमा को सर्वोपरि बताया. पूर्णाहुति से पूर्व पालकी में विराजमान भगवान श्री गजेंद्र मोक्ष को नारायणी नदी घाट पर लाया गया, जहां विधि-विधान से पावन स्नान कराया गया. इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भी आस्था की डुबकी लगाई। इसके पश्चात ध्वजारोहण का कार्यक्रम संपन्न हुआ. यज्ञ के अवसर पर आयोजित महाभंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने पंगत में बैठकर महाप्रसाद ग्रहण किया. स्वामी लक्ष्मणाचार्य जी महाराज ने बताया कि श्री गजेंद्र मोक्ष देवस्थानम नवलखा मंदिर में केवल माघ महीने में ही नहीं, बल्कि वर्ष भर विभिन्न धार्मिक अवसरों पर भंडारे का आयोजन होता रहता है. उन्होंने कहा कि रामनवमी, जन्माष्टमी, नरसिंह चतुर्दशी, वामन द्वादशी, नवरात्र महोत्सव, सोनपुर मेला, श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ, प्रत्येक एकादशी एवं अल्वारों की जयंतियों पर नियमित रूप से अन्न दान किया जाता है. इस अवसर पर वृंदावन से आए वृंदावन पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी चतुर्भुजाचार्य, झारखंड पीठाधीश्वर विष्णुचित जी महाराज सहित पटना, आरा, बक्सर, छपरा, वैशाली, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, इंदौर और मुंबई से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे.
जगत में अन्न दान से बड़ा कोई दान नहीं : स्वामी लक्ष्मणाचार्य
विश्व प्रसिद्ध हरिहरक्षेत्र सोनपुर के साधु गाछी में पिछले छह दिनों से चल रहे 27वें श्री ब्रह्मोत्सव सह श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ की भव्य पूर्णाहुति के साथ धार्मिक अनुष्ठानों का समापन हुआ.
