मां शारदे की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे कलाकार
बसंतपंचमी आगामी 23 जनवरी को है. इसको लेकर प्रखंड के दर्जनों मूर्तिकार मां सरस्वती की मूर्तियों के निर्माण में जुट गये हैं.
दिघवारा. बसंतपंचमी आगामी 23 जनवरी को है. इसको लेकर प्रखंड के दर्जनों मूर्तिकार मां सरस्वती की मूर्तियों के निर्माण में जुट गये हैं. नगर और ग्रामीण क्षेत्रों के मूर्तिकारों ने मूर्तियों के निर्माण की रफ्तार को बढ़ा दिया है. लंबी अवधि के ठंड के बाद शनिवार को धूप खिलने से मूर्तिकारों के चेहरे खिल गये हैं. नगर के आंबेडकर चौक, पूर्वी ढाला, बसतपुर और सैदपुर में मूर्तिकारों ने मूर्तियों को स्वरूप देना शुरू कर दिया है. धूप खिलने से मूर्ति निर्माण की गति भी तेज हुई है. ग्रामीण क्षेत्रों के मूर्तिकारों ने मूर्तियों को बनाया है जिसे सूखने के लिए तेज धूप चाहिए. जगह-जगह मूर्तिकारों के परिजनों ने भी कार्यों में सहयोग देना शुरू कर दिया है. आपको बता दें कि जनवरी माह के शुरू के सप्ताह में ठंड अधिक बढ़ने व धूप नहीं खिलने से मूर्तिकारों की परेशानी बढ़ गयी थी, जिसके बाद मौसम की प्रतिकूलता से मूर्तिकार काफी परेशान थे. अब धूप खिलने से एक बार फिर मूर्तियों की निर्माण की गति अचानक तेज हुई है. धूप खिलने से मूर्तियों की बिक्री भी बढ़ी है जिससे मूर्तिकारों का उत्साह काफी बढ़ा है. मूर्तिकारों का कहना है कि सरस्वती पूजा में अब चंद दिन शेष रह गए हैं, ऐसे में मूर्ति निर्माण के लंबित कार्यों को पूरा करने की हरसंभव कोशिश की जा रही है.
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