Akhand Jyoti Eye Hospital: अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल, मस्तीचक की ओर से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, दरियापुर में निक्षय मित्र योजना के तहत गोद लिए गए 101 टीबी मरीजों के बीच पौष्टिक आहार (फूड बास्केट) का वितरण किया गया. इस पहल का उद्देश्य टीबी मरीजों को नियमित उपचार के साथ बेहतर पोषण उपलब्ध कराकर उनके स्वास्थ्य में सुधार लाना है.
कार्यक्रम के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. मेजर साहब ने अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल के इस सामाजिक एवं मानवीय कार्य की सराहना की. उन्होंने कहा कि संस्थान लंबे समय से समाज के जरूरतमंद लोगों के लिए विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रहा है. गरीब मरीजों का निःशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन कराने के साथ गरीब बच्चियों को निःशुल्क ऑप्टोमेट्रिस्ट प्रशिक्षण देने की पहल भी की जा रही है. अब टीबी मरीजों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराकर संस्थान ने सामाजिक सरोकार का एक और उदाहरण प्रस्तुत किया है.
छह महीने तक मरीजों को मिलेगा पौष्टिक आहार
अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल के सहायक महाप्रबंधक अमित सिंह ने बताया कि संस्थान के मुख्य ट्रस्टी मृत्युंजय तिवारी के निर्देश पर लगातार समाजहित के कार्य किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि बाढ़ और कोरोना महामारी जैसे कठिन समय में भी संस्थान ने प्रशासन के साथ मिलकर पंचायत स्तर पर लगातार 100 दिनों तक जरूरतमंद परिवारों के बीच राशन का वितरण किया था.
उन्होंने बताया कि बिहार सरकार के ‘टीबी मुक्त बिहार’ अभियान के आह्वान पर अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल ने निक्षय मित्र बनकर दरियापुर के 101 टीबी मरीजों को गोद लिया है. इन सभी मरीजों को संस्थान की ओर से लगातार छह महीने तक पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाएगा. फूड बास्केट के माध्यम से मरीजों को उपचार के दौरान आवश्यक पोषण देने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि वे नियमित रूप से अपना इलाज जारी रखते हुए जल्द स्वस्थ हो सकें.
टीबी उन्मूलन में सामाजिक भागीदारी जरूरी
अमित सिंह ने इस सामाजिक पहल को सफल बनाने में सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) के मार्गदर्शन तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, दरियापुर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. मेजर साहब के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया.
उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन के लिए सरकार के प्रयासों के साथ सामाजिक संस्थाओं और आम लोगों की भागीदारी भी बेहद महत्वपूर्ण है.
