राजेंद्र कॉलेज के हिंदी विभाग के तत्वावधान में सोमवार को हिंदी दिवस समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. संजय कुमार ने भाषा के महत्व और उसकी उपयोगिता पर चर्चा की. उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी भाषा में कौशल और हुनर विकसित करने का आह्वान किया.
हिंदी हमारी अस्मिता की पहचान : विभागाध्यक्ष
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. अशोक कुमार सिन्हा ने हिंदी की विकास यात्रा और इसके संवैधानिक ढांचे पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने कहा कि हिंदी हमारी अस्मिता की पहचान है. राष्ट्रीय एकता और अखंडता को आगे बढ़ाने में हिंदी का अमूल्य योगदान रहा है. उन्होंने कहा कि हम सभी की राजभाषा हिंदी है और प्रत्येक भारतीय को अपने देश और भाषा पर गर्व है. इसलिए सभी को हिंदी के संवर्धन के लिए लगातार प्रयास करते रहना चाहिए.
हिंदी के क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं पर डाला प्रकाश
हिंदी विभाग के प्राध्यापक डॉ. बेठियार सिंह साहू ने हिंदी के व्यापक स्वरूप और इस क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र का साहित्य जितना समृद्ध होगा, वह आने वाली पीढ़ी को उतना ही समृद्ध करता रहेगा. उन्होंने विद्यार्थियों को हिंदी के अध्ययन के साथ इसके विभिन्न क्षेत्रों में मौजूद अवसरों को समझने के लिए प्रेरित किया.
विद्यार्थियों को हिंदी के समृद्ध विरासत से जुड़ने का संदेश
डॉ. श्यामशरण ने हिंदी के अग्रेतर विकास के लिए आवश्यक पहल पर चर्चा की. वहीं डॉ. रविकांत सिंह ने हिंदी की समृद्ध विरासत को आगे बढ़ाने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया. डॉ. सुनील प्रसाद ने दैनिक जीवन में हिंदी भाषा के उपयोग को बढ़ाने का आह्वान किया. अन्य वक्ताओं ने भी हिंदी के गौरव, इतिहास और राष्ट्रीय एकता में उसकी भूमिका पर अपने विचार रखे.
विद्यार्थियों ने कविता पाठ और भाषण से रखे विचार
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने कविता पाठ और भाषण प्रस्तुत किये. हिंदी विषय पर प्राची, रत्नेश राज, चांदनी, अर्चना, देवांशी, अनन्या, आनंद, काजल और महिमा ने भाषण दिया. कार्यक्रम का संचालन हिंदी विभाग की छात्रा रजनी कुमारी ने किया.
शिक्षक और कर्मी रहे मौजूद
समारोह में गणित विभागाध्यक्ष प्रो. राजीव कुमार मिश्रा, वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ. अर्चना उपाध्याय, डॉ. प्रत्युष कुमार सिंह, डॉ. सुशील कुमार, डॉ. दयानंद ठाकुर, वरीय सहायक हरिहर मोहन सहित अन्य शिक्षक और कर्मी उपस्थित रहे.
