Saran News: जिले में नदियों का जलस्तर कम होने और बाढ़ का पानी उतरने के बाद जिला प्रशासन ने संभावित महामारी एवं संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए मोर्चा संभाल लिया है. बाढ़ प्रभावित गांवों, टोलों और मोहल्लों में जमा पानी व कीचड़ से होने वाली बीमारियों से निपटने के लिए जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. उन्होंने बाढ़ से प्रभावित सभी आठ प्रखंडों में चूना, गैमेक्सिन और ब्लीचिंग पाउडर का सघन छिड़काव सुनिश्चित कराने के सख्त निर्देश दिए.
सोनपुर में 90 फीसदी छिड़काव पूरा, नियमित निगरानी जारी
बैठक में जिलाधिकारी ने प्रखंडवार स्वच्छता कार्यों की प्रगति की समीक्षा की. सोनपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी ने रिपोर्ट पेश करते हुए बताया कि पानी उतर चुके लगभग 90 प्रतिशत बाढ़ प्रभावित इलाकों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव पूरा करा लिया गया है. पंचायत स्तर पर कार्यपालक सहायक, पंचायत सचिव और विकास मित्रों की संयुक्त टीमें बनाकर इस कार्य को गति दी जा रही है तथा वरीय अधिकारियों द्वारा इसकी दैनिक मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जा रही है.
डेंगू-मलेरिया रोकने को एंटी-लार्वा छिड़काव व फॉगिंग
वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम को लेकर जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन को समन्वय बनाकर काम करने का आदेश दिया:
- एंटी-लार्वा स्प्रे: जलजमाव वाले स्थानों पर डेंगू और मलेरिया के मच्छरों के लार्वा को नष्ट करने के लिए सघन छिड़काव किया जाएगा.
- नियमित फॉगिंग: ग्रामीण एवं बाढ़ प्रभावित बस्तियों में पर्याप्त संख्या में फॉगिंग मशीनें लगाकर नियमित धुआं कराया जाएगा.
- डॉक्यूमेंटेशन: स्वच्छता और छिड़काव अभियान से जुड़े कार्यों का डिजिटल रिकॉर्ड संधारित किया जाएगा और सोशल मीडिया के जरिए आमजन को जागरूक किया जाएगा.
उत्कृष्ट कार्य करने वाले 31 पदाधिकारी व कर्मी सम्मानित
आपदा प्रबंधन समीक्षा बैठक के उपरांत जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने बाढ़ के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों में अनुकरणीय योगदान देने वाले 31 पदाधिकारियों एवं कर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया. उन्होंने कहा कि विषम परिस्थितियों में टीम भावना और संवेदनशीलता के साथ किए गए इन प्रयासों से प्रभावित आबादी तक समय पर मदद पहुंचाई जा सकी. डीएम ने सभी कर्मियों को आगे भी इसी निष्ठा और तत्परता के साथ सेवा कार्य जारी रखने के लिए प्रेरित किया.
