मछली उत्पादन करके किसान आर्थिक रूप से हो सकते हैं सबल : जयमित्रा
राज्य डेयरी, मत्स्य व पशु संसाधन विभाग के दिशा-निर्देश पर जिला मत्स्य कार्यालय सारण के तत्वावधान में भिखारी ठाकुर सभागार में एक दिवसीय मछली पालन से संबंधित कार्यशाला का आयोजन किया गया.
By ALOK KUMAR | Updated at :
छपरा. राज्य डेयरी, मत्स्य व पशु संसाधन विभाग के दिशा-निर्देश पर जिला मत्स्य कार्यालय सारण के तत्वावधान में भिखारी ठाकुर सभागार में एक दिवसीय मछली पालन से संबंधित कार्यशाला का आयोजन किया गया. इसमें जिले के विभिन्न प्रखंडों से करीब 300 से अधिक मत्स्य कृषक उपस्थित हुए. कार्यशाला का उद्घाटन मुख्य अतिथि जिला परिषद अध्यक्ष जयमित्रा देवी, प्रतिनिधि अमर राय, डिप्टी डायरेक्टर मत्स्य सुमन कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी प्रदीप कुमार,किसी विश्वविद्यालय पूसा के साइंटिस्ट पवन कुमार शर्मा , साइंटिस्ट उदीप्तो राय, जिला पार्षद छविनाथ सिंह, आत्मा के डिप्टी प्रोजेक्ट डायरेक्टर शमशेर आलम ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर किया .
कृषि प्रधान जिले में मछली उत्पादन किसानों के विकास में अहम भूमिका निभायेगा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला परिषद अध्यक्ष जयमित्रा देवी और प्रतिनिधि अमर राय के द्वारा द्वारा बताया गया कि यह जिला एक कृषि प्रधान जिला है. जहां रबी और खरीफ फसले होती है. लेकिन किसानों को हर बार नुकसान होता है. किसानों के पास दूसरा रोजगार का कोई विकल्प नहीं रहता है. जिले में कुल 1500 निजी व सरकारी जलकर हैं. जिनमें मछली पालन किया जा रहा है, और जिला मछली पालन में आत्मनिर्भर भी हो रहा है. मछली उत्पादन करके किसान आर्थिक रूप से मजबूत हो सकते हैं. ऐसे में जरूरी है कि हर मौसम के लिए यह व्यवसाय सबसे बेहतर है.
विभिन्न योजनाओं की दी गयी जानकारी
उपनिदेशक मत्स्य सुमन कुमार ने विभिन्न राज्य और केंद्र सरकार की मछली पालन से संबंधित योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि किसान थोड़ी सी मेहनत करके बड़ी कमाई कर सकते हैं. जिस तरह से मिट्टी की नब्ज पहचानने हेतु कृषि विभाग कार्य कर रहा है, उसी तरह से प्रत्येक तालाबों की मिट्टी और पानी की जांच कर नब्ज पहचानने होंगे, तभी इस जिले को मछली पालन में राज्य और देश स्तर पर अग्रणी जिला बना सकते हैं. इसके लिए मुख्यमंत्री मत्स्य पालन और प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना का लाभ लेना चाहिए. उन्होंने कहा कि परंपरागत तरीकों को छोड़कर तकनीकी रूप में ज्यादा से ज्यादा लोगों को मछली पालन में जोड़ना है. जिससे कार्यशाला की सार्थकता सिद्ध हो सकती है.
मछली के आहार को लेकर भी दी गयी जानकारी
आत्मा के डिप्टी प्रोजेक्ट डायरेक्टर शमशेर आलम ने एफ एफ पी ओ के गठन से संबंधित कई अहम जानकारी दी. मत्स्य पालन से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी देते हुए केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के साइंटिस्ट पवन कुमार शर्मा ने कहा कि सारण की धरती मछली पालन के लिए उपयुक्त है और किस इसका उपयोग करें. उन्होंने मछली पालन के कई टिप्स भी बताएं. मोतीपुर सी आई एफ ई के साइंटिस्ट उदीप्तो राय ने मछली पालन में परिपूरक आहार के प्रयोग को लेकर पावर प्रजेंटेशन के माध्यम से कई जानकारी दी. किसान नरेंद्र कुमार गिरी ने बताया कि कैसे उन्होंने मछली पालन शुरू किया और आज की स्थिति क्या है? जिला कृषि पदाधिकारी प्रदीप कुमार ने सभी अतिथियों का अभिनंदन किया और उन्होंने कहा कि सारण जिला मछली पालन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनता जा रहा है. इस अवसर पर अमृता रंजन,राजू कुमार,रामविचार माझी,कुमारी आस्था मिश्रा, अख्तर हुसैन, चंचला, अभिषेक कुमार, अंकित श्रीवास्तव समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे.