सारण : मढ़ौरा के इस स्कूल में दो कमरों में होती है 1 से 8वीं कक्षा तक के बच्चों की पढ़ाई, 224 छात्र के लिए सिर्फ 4 शिक्षक

Marhaura School : सारण के एक सरकारी स्कूल में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है. 224 बच्चों के लिए सिर्फ दो कमरे हैं, जहां पहली से आठवीं तक की पढ़ाई जबरन चल रही है. चार शिक्षकों के भरोसे आठ कक्षाओं का भविष्य अधर में लटका है.

Marhaura School : सारण के मढ़ौरा नगर क्षेत्र के वार्ड नंबर 06 स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय, पकहां में बुनियादी सुविधाओं की कमी से पढ़ाई प्रभावित हो रही है. स्कूल में 224 बच्चे नामांकित हैं, लेकिन पहली से आठवीं तक की कक्षाएं महज दो कमरों में चल रही हैं. चार शिक्षकों के भरोसे आठ कक्षाओं की पढ़ाई हो रही है. वहीं स्कूल में विज्ञान का एक भी शिक्षक नहीं है.

दो कमरों में पहली से आठवीं तक की पढ़ाई

अम्बेडकर रोड स्थित इस विद्यालय में पहली से आठवीं तक की कक्षाएं संचालित होती हैं. स्कूल के पास पढ़ाई के लिए सिर्फ दो कमरे उपलब्ध हैं. इनमें से एक हिस्से में प्रशासनिक कार्यालय चलता है, जबकि बची जगह में आठों कक्षाओं के बच्चों को एक साथ बैठाकर पढ़ाने की स्थिति बनी हुई है.

224 बच्चों के लिए पर्याप्त बेंच-डेस्क भी नहीं

विद्यालय में नामांकित 224 बच्चों के लिए पर्याप्त बेंच-डेस्क उपलब्ध नहीं हैं. कमरे और बैठने की व्यवस्था की कमी के कारण बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. एक ही जगह पर कई कक्षाओं के विद्यार्थियों के बैठने से पढ़ाई का माहौल भी प्रभावित होता है.

चार शिक्षकों के भरोसे आठ कक्षाएं

विद्यालय में कुल पांच शिक्षक पदस्थापित हैं, लेकिन इनमें से एक शिक्षक प्रतिनियुक्ति पर बाहर हैं. ऐसे में चार शिक्षक ही स्कूल की आठ कक्षाओं की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. शिक्षकों की कमी के कारण सभी कक्षाओं को नियमित और प्रभावी तरीके से संचालित करना चुनौती बना हुआ है.

विज्ञान का एक भी शिक्षक नहीं

विद्यालय में विज्ञान विषय का कोई शिक्षक नहीं है. इससे विद्यार्थियों की विज्ञान विषय की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. शिक्षकों की कमी को लेकर विद्यालय स्तर से कई बार अधिकारियों को जानकारी देने की बात कही गई है.

टूटी चारदीवारी से स्कूल परिसर असुरक्षित

विद्यालय की चारदीवारी का एक हिस्सा टूट गया है. इससे स्कूल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं. मेन गेट बंद रहने के बावजूद लोगों की आवाजाही बनी रहने की बात सामने आई है. स्कूल में बच्चों के छुट्टी से पहले परिसर से बाहर निकल जाने की समस्या भी बतायी गयी है.

टूटे नल और गंदे शौचालय से परेशानी

विद्यालय परिसर में समरसेबल की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन कई नल टूटे हुए हैं. रखरखाव के अभाव में शौचालय में भी अक्सर गंदगी की स्थिति बनी रहती है. इससे बच्चों के लिए उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है.

किचन शेड और बर्तन हैं, फिर भी बाहर से आता है भोजन

विद्यालय में किचन शेड और बर्तन उपलब्ध हैं. इसके बावजूद मध्याह्न भोजन एनजीओ के माध्यम से आने की जानकारी दी गई है. स्कूल में मौजूद संसाधनों के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं.

कई बार शिकायत के बाद भी नहीं हुआ समाधान

विद्यालय के प्रभारी शिक्षक विजय कुमार राम ने बताया कि कमरों, बाउंड्री और शिक्षकों की कमी को लेकर कई बार उच्चाधिकारियों को ऑनलाइन और ऑफलाइन शिकायत दी गई है. उनका कहना है कि अब तक शिक्षा विभाग की ओर से कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया है.

अभिभावकों और बच्चों में निराशा

स्कूल की मौजूदा स्थिति से स्थानीय अभिभावकों और विद्यार्थियों में निराशा है. अभिभावकों की चिंता बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ स्कूल परिसर की सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी है.

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By मनोकामना सिंह

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