Saran News : पर्यटन की दृष्टि से होगा मां अंबिका भवानी मंदिर का विकास

भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के तीर्थयात्रा कायाकल्प एवं आध्यात्मिक संवर्धन अभियान ( प्रसाद) योजना के तहत आस्था के महत्व वाले आमी के सिद्ध शक्तिपीठ स्थल मां अंबिका भवानी मंदिर का विकास किया जायेगा. इस मंदिर का विकास तिरुपति मंदिर के तर्ज पर किये जाने की योजना है.

दिघवारा. भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के तीर्थयात्रा कायाकल्प एवं आध्यात्मिक संवर्धन अभियान ( प्रसाद) योजना के तहत आस्था के महत्व वाले आमी के सिद्ध शक्तिपीठ स्थल मां अंबिका भवानी मंदिर का विकास किया जायेगा. इस मंदिर का विकास तिरुपति मंदिर के तर्ज पर किये जाने की योजना है. पर्यटन के दृष्टिकोण से इस मंदिर को विकसित करने एवं श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए विकास की योजना है जिस पर जल्द ही काम शुरू होने की उम्मीद है. शिलान्यास के लगभग एक साल बाद कार्य प्रारंभ होने की उम्मीद बढ़ने से श्रद्धालुओं में हर्ष व्याप्त है.

नरेंद्र मोदी ने ऑनलाइन किया था शिलान्यास

पीएम नरेंद्र मोदी ने बीते साल सात मार्च को ऑनलाइन तरीके से प्रसाद योजना के तहत मंदिर के विकास के लिए शुरू होने वाली परियोजना का ऑनलाइन शिलान्यास किया था. इस दौरान मंदिर में एक कार्यक्रम का आयोजन हुआ था जिसमें विभाग के अधिकारियों समेत क्षेत्र के गण्यमान्य लोग शामिल हुए थे. मार्कंडेय पुराण वर्णित इस मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कई कार्य शुरू किये जायेंगे. मंदिर आने जाने के विशेष रास्तों के साथ पार्किंग, सौंदर्यीकरण के साथ मंदिर को आकर्षक स्वरूप दिये जाने के कई कार्य पूरे होंगे.

डीएम के निरीक्षण के बाद से बढ़ी हैं श्रद्धालुओं की उम्मीदें

डीएम अमन समीर ने बीते 12 मार्च को मंदिर को पर्यटन के दृष्टिकोण से विकसित करने के उद्देश्यों के साथ वरीय अधिकारियों की मौजूदगी में आमी पहुंच कर स्थलीय निरीक्षण किया था. डीएम ने राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 19 व फोरलेन सड़क से मंदिर को जोड़ने के लिए पथ निर्माण के लिए नक्शा एवं प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया है. इसके अलावा डीएम ने सोनपुर के बाबा हरिहरनाथ मंदिर से आमी के मां अंबिका भवानी मंदिर के लिए नदी किनारे सड़क बनाने का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया है. डीएम ने सीओ मिट्ठू प्रसाद को एक सप्ताह के अंदर आमी मंदिर के आसपास समस्त भूमि का पूर्ण विवरण के साथ नक्शा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. इस नक्शे में दुकान व मकानों के साथ अन्य बसावटों का विवरण होने की बात कही गई है.

दूर-दूर से मां अंबिका के दर्शन करने आते हैं श्रद्धालु

आमी मंदिर का पौराणिक इतिहास रहा है और इसी जगह पर सती ने हवन कुंड में कूदकर अपनी इहलीला समाप्त कर ली थी और इस स्थल पर मां के शरीर का अंग गिरा है.यहां मां पिंडी रूप में विराजमान है. यह मंदिर राजा दक्षकालीन है. इस मंदिर में शारदीय व वासंतिक नवरात्र के अलावा रामनवमी समेत कई महत्वपूर्ण अवसरों पर प्रदेश भर के श्रद्धालु जुटते हैं. क्षेत्र के लोग अपने यहां मांगलिक आयोजनों की शुरुआत से पूर्व मां अंबिका का आशीष लेना नहीं भूलते हैं. इस मंदिर में नए वाहनों की पूजा के साथ बच्चों का मुंडन व विवाह भी होता है. मन्नत पूर्ण होने पर इस मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चुनरी चढ़ाये जाने की वर्षों पुरानी परंपरा है.

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